रेल टिकट रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव, 8 घंटे पहले कैंसिलेशन पर नहीं मिलेगा पैसा; जानिए कब से लागू होंगे नए नियम
भारतीय रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब यात्रियों को टिकट रद्द कराने पर पहले की तरह पूरा पैसा वापस नहीं मिलेगा, बल्कि तय समय सीमा के अनुसार रिफंड में कटौती की जाएगी। ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच लागू किए जाएंगे।
नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा। वहीं, 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर केवल 50 प्रतिशत राशि ही वापस की जाएगी। अगर टिकट 72 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो यात्री को अधिकतम 75 प्रतिशत तक रिफंड मिलेगा।
पहले मिलता था लगभग पूरा रिफंड
अब तक की व्यवस्था में 72 घंटे या उससे पहले टिकट रद्द करने पर यात्रियों को लगभग पूरा रिफंड मिल जाता था। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह सुविधा सीमित हो जाएगी। रेलवे का मानना है कि इस बदलाव से टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और वास्तविक यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध हो सकेगा।
अब किसी भी स्टेशन से कर सकेंगे कैंसिलेशन
नए प्रावधानों के तहत यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए ऑफलाइन टिकट कैंसिलेशन की सुविधा को भी आसान बनाया गया है। अब यात्री किसी भी रेलवे स्टेशन से अपना टिकट रद्द करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें उसी स्टेशन पर जाने की जरूरत नहीं होगी, जहां से टिकट बुक किया गया था।
इसके साथ ही यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक लचीलापन देने के लिए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा भी दी गई है। यात्री अब मोबाइल ऐप के जरिए अपने बोर्डिंग स्टेशन को अपडेट कर सकेंगे और डिपार्चर स्टेशन के अलावा किसी अन्य स्टेशन से भी ट्रेन पकड़ सकेंगे।
30 मिनट पहले तक सीट अपग्रेड का विकल्प
रेलवे ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक और अहम सुविधा जोड़ी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपने कोच और क्लास को बदल सकेंगे। यानी जरूरत पड़ने पर यात्री 3rd AC से 1st AC में अपनी सीट अपग्रेड कर सकते हैं।
रेलवे के इन नए फैसलों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधा, लचीलापन और बेहतर यात्रा अनुभव देना है, साथ ही टिकट बुकिंग सिस्टम को ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बनाना भी है।