दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला! कांवड़ शिविरों पर मेहरबान रेखा सरकार, अब बड़े कैंपों को मिलेंगे 15 लाख रुपये तक का अनुदान

0 18

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि कांवड़ शिविरों के संचालन में बढ़ते खर्च, महंगाई और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए सरकार ने कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से समितियां शिवभक्तों के लिए पहले से अधिक बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

बड़े कांवड़ शिविरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

नई नीति के तहत 20 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों की अनुदान राशि 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, इसी श्रेणी के 3 से 5 दिन तक संचालित शिविरों के लिए सहायता राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे समितियों पर वित्तीय दबाव कम होगा और वे बेहतर व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सेवा कर सकेंगी।

मुफ्त बिजली की सुविधा रहेगी जारी, डीबीटी से मिलेगा अनुदान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले की तरह इस बार भी कांवड़ समितियों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलेगी। बिजली वितरण कंपनियां समय पर कनेक्शन उपलब्ध कराएंगी। यदि निर्धारित सीमा से अधिक बिजली की खपत होती है तो अतिरिक्त राशि संबंधित समिति को वहन करनी होगी। अनुदान वितरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे जिलाधिकारी कार्यालय से जारी की जाएंगी और पूरी राशि दो चरणों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से भेजी जाएगी। पहली किस्त 50 प्रतिशत अग्रिम और दूसरी किस्त सत्यापन के बाद जारी होगी।

यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई विभाग मिलकर करेंगे काम

कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जाएगी। नगर निगम सफाई, कूड़ा उठान, फॉगिंग और स्वच्छता की व्यवस्था संभालेगा। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। दिल्ली जल बोर्ड और डूसिब पेयजल टैंकर तथा मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराएंगे। वहीं, दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, मार्ग परिवर्तन और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगी।

कांवड़ शिविरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया फैसला

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में कांवड़ यात्रा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में जहां 170 कांवड़ शिविर लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 308 हो गई। इसी बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आर्थिक सहायता बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही वर्ष 2025 में जिन समितियों और स्थानों को स्वीकृति मिली थी, उसी सूची को वर्ष 2026 के लिए भी अंतिम मानने की सिफारिश की गई है। इन प्रस्तावों को मंगलवार को होने वाली दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

सभी श्रेणियों के शिविरों की सहायता राशि बढ़ी

सरकार ने केवल बड़े शिविरों की ही नहीं, बल्कि सभी श्रेणियों के कांवड़ शिविरों की अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। 15,001 से 20,000 वर्गफुट क्षेत्र वाले शिविरों के लिए 3 से 5 दिन की अवधि का अनुदान 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये और 6 से 12 दिन की अवधि का अनुदान 7 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये किया गया है।

10,001 से 15,000 वर्गफुट क्षेत्र वाले शिविरों के लिए 3 से 5 दिन की अवधि में सहायता राशि 4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये तथा 6 से 12 दिन की अवधि के लिए 7 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है।

5,001 से 10,000 वर्गफुट तक के शिविरों के लिए सहायता राशि 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये और 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।

5,000 वर्गफुट तक के छोटे कांवड़ शिविरों के लिए 3 से 5 दिन की अवधि का अनुदान 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये तथा 6 से 12 दिन की अवधि का अनुदान 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.