नोएडा में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, मंत्रालय की आईडी दिखाकर करते थे ठगी
नोएडा। मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। फेज-वन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को सेक्टर-6 इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी मोहरें, श्रम विभाग की कूटरचित आईडी और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये भी फ्रीज कराए हैं।
छापेमारी में रंगे हाथ पकड़ा गया गिरोह
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फेज-वन थाना क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा, जहां से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। छानबीन में सामने आया कि कॉल सेंटर से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन कर उन्हें नामी कंपनियों में नियुक्ति का भरोसा दिलाया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुग्राम सेक्टर-10 निवासी दुर्गेश कुमार, सोनू कुमार, दिल्ली के उत्तम नगर निवासी पुनीत सिंह, सहारनपुर के चिलकाना निवासी अमन शर्मा और बिहार के सिवान जिले के बसंतपुर निवासी आलोक के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का मास्टरमाइंड दुर्गेश कुमार है।
वेबसाइट से जुटाते थे उम्मीदवारों का डेटा
जांच में सामने आया कि दुर्गेश कुमार ने नौकरी से जुड़ी वेबसाइट और पोर्टल से युवाओं का डेटा एकत्र किया। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारियों को टारगेट देकर इच्छुक उम्मीदवारों से संपर्क कराया जाता था। भरोसा जीतने के लिए आरोपित श्रम विभाग की फर्जी आईडी और अन्य कूटरचित दस्तावेज व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेजते थे।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली, फिर संपर्क खत्म
आरोपी नौकरी की प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन और सत्यापन शुल्क के नाम पर पीड़ितों से दो हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। एक बार रकम मिलने के बाद, पीड़ितों से दोबारा संपर्क करने पर अतिरिक्त फीस की मांग की जाती थी। कुछ दिन तक टालमटोल करने के बाद आरोपी पीड़ितों से पूरी तरह संपर्क तोड़ लेते थे।
पहले भी जा चुके हैं जेल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दुर्गेश और सोनू ने वर्ष 2022 में गुरुग्राम में इसी तरह का कॉल सेंटर खोला था, जहां से ठगी के मामले में दोनों को गुरुग्राम सदर थाना पुलिस ने जेल भेजा था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने पिछले साल नोएडा के सेक्टर-6 में 60 हजार रुपये मासिक किराये पर भवन लेकर दोबारा फर्जी कॉल सेंटर शुरू कर दिया।
एनसीआरपी पोर्टल पर 21 शिकायतें दर्ज
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर देश के विभिन्न राज्यों से कुल 21 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस को आरोपियों के पांच बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें जमा लगभग 10 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। मामले में अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
नोएडा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या लिंक पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की फीस जमा करने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।