महाराष्ट्र में ‘लाड़की बहिन’ योजना पर बड़ा असर: 68 लाख खाते बंद, e-KYC न कराने वालों को नहीं मिलेगा लाभ

0 24

महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाड़की बहिन योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में इस योजना के तहत करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए हैं। वजह यह है कि इन लाभार्थियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बाद अब सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है।

e-KYC की डेडलाइन बढ़ाकर 30 अप्रैल की गई

पहले e-KYC प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। नवंबर 2025 से अब तक इस समय सीमा को कई बार बढ़ाया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि नई डेडलाइन के बाद बंद खातों की संख्या में बदलाव संभव है। कुल 2.43 करोड़ खातों में से बड़ी संख्या में खाते केवल e-KYC अधूरी रहने के कारण निष्क्रिय किए गए हैं।

अपात्र लाभार्थियों की शिकायत के बाद शुरू हुआ सत्यापन

सरकार ने यह सत्यापन अभियान तब शुरू किया जब योजना में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आईं। जांच में यह सामने आया कि कुछ अपात्र लोग—जिनमें पुरुष और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं—इस योजना का लाभ उठा रहे थे। इसी के चलते पात्रता की जांच को सख्त किया गया।

हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता

यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता देने के लिए शुरू की गई थी। राज्य सरकार इस पर हर महीने करीब 3,700 करोड़ रुपये खर्च करती है। हालांकि अब खातों की संख्या घटने से इस खर्च में भी कमी आने की संभावना है।

बजट में भी घटा आवंटन

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल 2025-26 के 36,000 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है। यह योजना 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई थी और इसे सरकार की प्रमुख योजनाओं में गिना जाता है।

अपात्र पाए गए लोगों से नहीं होगी वसूली

सत्यापन के दौरान पहले 24 लाख से ज्यादा खातों को ‘सरकारी कर्मचारी’ श्रेणी में चिन्हित किया गया था। हालांकि बाद में जांच में करीब 20 लाख खाते पात्र पाए गए, जबकि बाकी मामलों की जांच जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभार्थियों को बाद में अपात्र पाया जाएगा, उनसे पहले दी गई राशि वापस नहीं ली जाएगी।

योजना जारी रहेगी, सरकार का आश्वासन

मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने साफ किया है कि ‘लाड़की बहिन योजना’ को बंद नहीं किया जाएगा। सरकार का फोकस केवल पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.