गौतमबुद्धनगर में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर बड़ी पहल, एनडीआरएफ ने सिखाए जीवनरक्षक कौशल

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गौतमबुद्धनगर, 30 मार्च 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा वर्ल्ड स्कूल में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) अनुकृति शर्मा, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश और स्कूल की प्रधानाचार्य मंजू कौल रायना ने दीप प्रज्वलन कर की। इस दौरान अतिथियों ने आपदा प्रबंधन में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की अहमियत पर जोर दिया।

एनडीआरएफ ने दिया आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद के प्रशिक्षक राजू यादव ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण में एनडीआरएफ की संरचना, उद्देश्य और आपात स्थितियों में उसकी भूमिका को विस्तार से समझाया गया। साथ ही भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग, भूस्खलन और रासायनिक एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट तकनीकों का अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सीपीआर, गला घुटने की स्थिति में प्राथमिक सहायता और बेसिक लाइफ सपोर्ट जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा रक्तस्राव रोकने के लिए प्रत्यक्ष दबाव, टूरनीकेट और वाउंड पैकिंग जैसी तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। सीमित संसाधनों में स्ट्रेचर और फ्लोटिंग डिवाइस तैयार करने के तरीके भी सिखाए गए।

भूकंप और आपदा के समय सुरक्षित निकासी पर विशेष जोर
कार्यक्रम में भूकंप जैसी स्थिति में क्या करें और क्या न करें, सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, अलार्म के दौरान निर्धारित मार्ग से बाहर निकलना और असेंबली प्वाइंट पर अनुशासन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक उपचार और ट्रायज सिस्टम समझाया
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीकम कुमार ने प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन और ट्रायज प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जा सके।

‘आपदा सखी’ मॉडल से महिलाओं को बनाया सशक्त
जिला रिसोर्स पर्सन ममता भारद्वाज और मास्टर ट्रेनर श्रीयांश चतुर्वेदी ने ‘आपदा सखी’ मॉडल के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाएं आपदा के समय केवल पीड़ित नहीं बल्कि रक्षक की भूमिका भी निभा सकती हैं। प्रशिक्षण में खोज एवं बचाव, फायरमैन लिफ्ट, जोखिम मानचित्रण और स्थानीय संसाधनों से स्ट्रेचर बनाने जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए गए।

अग्नि सुरक्षा और उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण
अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने आग से बचाव के उपायों के साथ-साथ फायर एक्सटिंग्यूशर के सही उपयोग का प्रदर्शन किया। उन्होंने आपदा जोखिम न्यूनीकरण में विभिन्न विभागों और स्वयंसेवकों की भूमिका को भी विस्तार से समझाया।

वीडियो प्रदर्शन और प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम के दौरान आपदा से बचाव से जुड़े वीडियो क्लिप भी दिखाए गए। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और समूह फोटोग्राफ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

इस जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 245 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, अधिकारी, शिक्षक, होमगार्ड, सिविल डिफेंस के सदस्य और विद्यार्थी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी नेहा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर ज्योति बालियान, होमगार्ड इंस्पेक्टर विपिन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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