नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए बड़ा कदम उठाया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस ने लापरवाही के आरोप में दो और बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए की गई कार्रवाई में पुलिस ने रवि बंसल और सचिन करनवाल को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक युवराज मौत केस में दर्ज मु0अ0सं0 20/2026 के तहत दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
किन धाराओं में हुई गिरफ्तारी, कहां से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 125 और 61(2) के तहत दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी रवि बंसल को फरीदाबाद के सेक्टर-21(डी) से जबकि सचिन करनवाल को साहिबाबाद, गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पर निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
पहले ही जेल भेजा जा चुका है कंपनी डायरेक्टर
इससे पहले इस मामले में बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभय कुमार को पुलिस ने 20 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस का कहना है कि युवराज मौत केस में सभी जिम्मेदारों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
कैसे हुई थी युवराज मेहता की मौत
गुरुग्राम में कार्यरत 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता 16 और 17 जनवरी की दरम्यानी रात नोएडा के सेक्टर-150 स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक निर्माणाधीन साइट के पास बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। बताया गया है कि युवराज करीब दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर सहायता न मिलने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR
मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
पांच बिल्डरों पर एक और FIR, SIT की जांच जारी
इस मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और एमजेड विज़टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े पांच बिल्डरों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बीच की गई है। अधिकारियों के अनुसार SIT ने नोएडा अथॉरिटी के सिविल, प्रोजेक्ट और ट्रैफिक सेल समेत कई विभागों से सेक्टर-150 में हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी मांगी है, खासकर उस स्थान के आसपास जहां यह हादसा हुआ था।