शिखर धवन को बड़ी राहत: ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट का आदेश भारत में नहीं होगा लागू, पूर्व पत्नी को लौटाने होंगे 5.7 करोड़ रुपये
नई दिल्ली से आई बड़ी कानूनी खबर में भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन को पटियाला हाउस फैमिली कोर्ट से अहम राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी पूर्व पत्नी के साथ चल रहे वैवाहिक और संपत्ति विवाद में ऑस्ट्रेलियाई फैमिली कोर्ट के आदेशों को भारत में मानने से साफ इनकार कर दिया है।
विदेशी आदेशों की वैधता पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
पटियाला हाउस स्थित फैमिली कोर्ट ने संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में धवन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट द्वारा पारित संपत्ति निपटान संबंधी आदेश भारत में लागू नहीं होंगे और इन्हें धवन के खिलाफ प्रवर्तित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने धवन की पूर्व पत्नी ऐशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया है। साथ ही इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा, जिसकी गणना उस तारीख से की जाएगी जब धवन ने वाद दायर किया था।
जबरन वसूली और धोखाधड़ी के आरोपों पर फैसला
विशेष न्यायाधीश देवेंद्र कुमार गर्ग ने अपने फैसले में कहा कि धवन से किए गए सेटलमेंट (समझौते) धमकी, जबरदस्ती, ठगी, धोखाधड़ी और एक्सटार्शन के जरिए कराए गए थे। अदालत ने इन सभी समझौतों को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष द्वारा ऑस्ट्रेलियाई अदालत से जारी एंटी-सूट इंजंक्शन या अन्य आदेशों को धवन के खिलाफ भारत में लागू नहीं किया जा सकता।
ऑस्ट्रेलिया स्थित संपत्तियों की राशि लौटाने का निर्देश
अदालत ने प्रतिवादी को ऑस्ट्रेलिया में स्थित संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि वापस करने का भी आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी की अनुपस्थिति के चलते अदालत ने एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) निर्णय पारित करते हुए डिक्री शीट तैयार करने के निर्देश दिए। हालांकि मुकदमे के खर्च को लेकर कोई अलग आदेश पारित नहीं किया गया।
इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय वैवाहिक और संपत्ति विवादों में विदेशी न्यायालयों के आदेशों की भारत में वैधता के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।