नोएडा इंजीनियर मौत केस में बड़ा खुलासा: दम घुटने और हार्ट फेलियर से गई युवराज मेहता की जान, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
नोएडा। नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसने इस पूरे मामले की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक युवराज की मौत दम घुटने से हुई, जबकि हार्ट फेलियर यानी कार्डियक अरेस्ट को भी मौत का अहम कारण माना गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर दर्ज किया गया है कि युवराज की जान कार्डियक अरेस्ट के चलते गई। यह घटना शनिवार रात की है, जब नोएडा में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। जिस बेसमेंट में युवराज की कार अनियंत्रित होकर गिर गई थी, वहां पानी भरा हुआ था और वह पानी अत्यधिक ठंडा बताया जा रहा है।
ठंडे पानी में फंसे रहे युवराज, बिगड़ती चली गई हालत
हादसे के बाद युवराज काफी देर तक ठंडे पानी में भीगा रहा। बताया जा रहा है कि वह लगभग दो घंटे तक पानी से भरे बेसमेंट में फंसी अपनी कार की छत पर खड़ा होकर मदद का इंतजार करता रहा। इस दौरान लगातार ठंड, शरीर के तापमान में गिरावट और मानसिक तनाव ने उसकी हालत को और गंभीर बना दिया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक ठंडे पानी के संपर्क में रहने से युवराज का शरीर कमजोर होता चला गया। साथ ही, मदद न मिलने की बेचैनी और डर ने उसकी मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डाला।
घबराहट में आया कार्डियक अरेस्ट, नहीं बच सकी जान
आशंका जताई जा रही है कि रेस्क्यू में हो रही देरी के कारण युवराज घबराहट का शिकार हो गया। इसी दौरान उसे कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेलियर दोनों को मृत्यु का कारण दर्ज किया गया है, जो इस हादसे की गंभीरता को दर्शाता है।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश
युवराज मेहता की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। रविवार को भी सुबह से देर शाम तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही। स्थानीय लोग और राहगीर रुक-रुक कर प्रशासन और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते नजर आए।
लोगों का कहना है कि युवराज करीब दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन समय रहते कोई ठोस और प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि सही संसाधनों के साथ समय पर कार्रवाई होती, तो एक होनहार इंजीनियर की जान बचाई जा सकती थी।