नई दिल्ली: टाटा समूह के स्वामित्व वाली Air India में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन सामने आया है। कंपनी के सीईओ Campbell Wilson ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक निर्धारित था। ऐसे समय में यह फैसला सामने आया है, जब एयरलाइन वित्तीय चुनौतियों और सुरक्षा संबंधी जांच के दबाव से जूझ रही है।
विमान हादसे और नुकसान के बीच लिया फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इस्तीफा पिछले साल जून में हुए एक बड़े विमान हादसे के बाद बढ़ते दबाव के बीच आया है। अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट के टेकऑफ के तुरंत बाद हुए इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू सदस्य तथा 19 अन्य लोग शामिल थे। इस घटना के बाद एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और नियामक एजेंसियों की कड़ी जांच भी शुरू हुई।
2022 में संभाली थी कमान, टर्नअराउंड की जिम्मेदारी थी
न्यूजीलैंड में जन्मे कैम्पबेल विल्सन को साल 2022 में Singapore Airlines से लाकर एयर इंडिया की कमान सौंपी गई थी। टाटा समूह ने सरकारी स्वामित्व से एयरलाइन को वापस लेने के बाद उसके पुनर्गठन की जिम्मेदारी उन्हें दी थी। हालांकि तय कार्यकाल से पहले ही उनका इस्तीफा कंपनी के भीतर बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
नए CEO की तलाश तेज, नोटिस पीरियड में रहेंगे साथ
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया का बोर्ड अब नए सीईओ की तलाश में जुट गया है। सूत्रों का कहना है कि कैम्पबेल विल्सन फिलहाल छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा करेंगे और तब तक कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे, जब तक नए प्रमुख की नियुक्ति नहीं हो जाती।
एयरलाइन के सामने बढ़ती चुनौतियां
एयर इंडिया इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रही है। विमान डिलीवरी में देरी, लगातार वित्तीय घाटा और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल कंपनी के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में एयरलाइन ने बिना जरूरी प्रमाणन के विमान संचालन किया, जिस पर नियामक संस्थाओं ने सख्त नाराजगी जताई है।
इस बीच, सीईओ का इस्तीफा एयर इंडिया के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है, जो आने वाले समय में कंपनी की रणनीति और संचालन पर बड़ा असर डाल सकता है।