बीजिंग से एक अहम कूटनीतिक और परिवहन जुड़ा कदम सामने आया है। चीन की सरकारी एयरलाइन ने सोमवार को बीजिंग और नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के बीच सीधी उड़ान सेवा दोबारा शुरू कर दी। कोरोना महामारी के बाद पहली बार इस रूट पर उड़ान बहाल हुई है, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस उड़ान के प्योंगयांग पहुंचने पर वहां मौजूद चीन के राजदूत वांग याजुन और अन्य राजनयिकों ने स्वागत किया। साल 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से इस रूट पर उड़ान और यात्री ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई थीं।
महामारी के बाद धीरे-धीरे खुल रहे दरवाजे
कोरोना काल के दौरान नॉर्थ कोरिया ने सभी विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, अब इन प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। साल 2024 में एक रूसी टूर ग्रुप नॉर्थ कोरिया पहुंचने वाला पहला विदेशी समूह बना, जो इस बंदिश के बाद एक बड़ा बदलाव माना गया।
महामारी से पहले नॉर्थ कोरिया आने वाले विदेशी पर्यटकों में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी चीनी टूर ग्रुप्स की थी। इसी बड़ी संख्या को देखते हुए चीन ने फिर से उड़ान सेवा बहाल करने का फैसला लिया है, जिससे पर्यटन और संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दोनों देशों के रिश्तों में रणनीतिक मजबूती
चीन और नॉर्थ कोरिया के बीच लंबे समय से मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। चीन नॉर्थ कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख सहयोगी है। हालांकि, हाल के वर्षों में नॉर्थ कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को लेकर चीन ने अपनी असहमति भी जताई है।
इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क लगातार जारी हैं। हाल ही में नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने बीजिंग का दौरा किया था और एक बड़े सैन्य परेड में हिस्सा लिया था। यह दशकों में पहली बार था जब नॉर्थ कोरिया का कोई शीर्ष नेता चीन की सैन्य परेड में शामिल हुआ।
ट्रेन सेवा के बाद अब उड़ानों की बहाली
सीधी उड़ानों की बहाली ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच यात्री ट्रेन सेवा भी फिर शुरू की गई थी। 12 मार्च को चीन से नॉर्थ कोरिया के लिए ट्रेन सेवा दोबारा शुरू हुई थी।
उस समय चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंध हैं और इस तरह की सेवाओं से आम लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। अब उड़ान सेवा की बहाली को इसी दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।