मौसम का बड़ा अलर्ट: 2 हफ्तों में 3 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि के आसार
उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह तेज हवाओं के साथ बदलाव देखने को मिला और अब आने वाले दिनों में राहत और चुनौती दोनों के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली NCR समेत पूरे उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट, तेज बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर, दिल्ली NCR, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
विशेष रूप से जम्मू कश्मीर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
तीन पश्चिमी विक्षोभ दिखाएंगे असर
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो हफ्तों में तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। पहला अभी प्रभावी है, दूसरा 7 अप्रैल से असर दिखाना शुरू करेगा और इसके बाद तीसरा विक्षोभ भी सक्रिय होगा।
इनकी वजह से 5 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश जारी रह सकती है और फिर अगले सिस्टम के चलते दोबारा बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
तापमान रहेगा सामान्य से नीचे, हीटवेव से राहत
लगातार हो रही बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसका असर यह होगा कि फिलहाल हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि का असर
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। देवगढ़ (राजसमंद) में सबसे ज्यादा 12 मिमी बारिश हुई। वहीं चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस और अलवर में न्यूनतम 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 और 4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। इसके बाद 7-8 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ राज्य में असर दिखाएगा।
झारखंड में भी तेज आंधी-बारिश का अलर्ट
झारखंड में 4 अप्रैल से मौसम बिगड़ने की संभावना है। राज्य के 14 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। प्रभावित जिलों में गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो और गुमला शामिल हैं।