लखनऊ में चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की बड़ी रणनीति तैयार की है। पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर गांव-गांव तक पहुंच बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर रही है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सीधे जनता के बीच उतरने की जिम्मेदारी दी गई है।
7 से 12 अप्रैल तक चलेगा ‘गांव-बस्ती चलो’ अभियान
पार्टी की ओर से 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक ‘गांव-बस्ती चलो’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारी गांवों में डेरा डालकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। पहले चरण में गांवों में रुककर स्थानीय मुद्दों और योजनाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
हर जिले में 50 से अधिक गांवों में कार्यक्रम
पार्टी ने हर जिले में 50 से ज्यादा गांवों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की पकड़ मजबूत करना और सरकार की योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझना है।
बूथ स्तर से होगी शुरुआत
अभियान की शुरुआत बूथ स्तर से की जाएगी। पदाधिकारी प्रत्येक बूथ पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं और जनता को आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। इसके बाद जनप्रतिनिधि गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और समाधान पर चर्चा करेंगे।
योजनाओं की समीक्षा और लाभार्थियों से संवाद
गांवों में जाकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं के प्रभाव का आकलन किया जाएगा। पार्टी इन अनुभवों को दूसरे गांवों में उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करेगी।
सामाजिक जुड़ाव पर भी रहेगा फोकस
अभियान के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा, जिससे संगठन के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सके। साथ ही बुद्धिजीवी सम्मेलनों के जरिए समाज के प्रभावशाली वर्ग को जोड़ने की भी रणनीति बनाई गई है।
अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम
अभियान के तहत 13 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की जाएगी और 14 अप्रैल को माल्यार्पण किया जाएगा। इस मौके पर विशेष कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना है।
पूरे महीने का तैयार हुआ रोडमैप
पार्टी नेतृत्व ने पूरे महीने के लिए अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है। जिलाध्यक्षों की अगुआई में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा।