सोलापुर (संतोष पांडेय): पिछले पंद्रह दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सोलापुर ज़िले में दो लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इस भारी नुकसान के बावजूद अब तक किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है।
खेती में बोई गई भिंडी से लेकर सोयाबीन तक, सबकुछ पानी में बह गया है। पिछले पाँच महीनों से जारी लगातार बारिश के कारण खेतों में फसल लेने के लिए किसानों ने दो–तीन बार कोशिश की, मगर हर बार नाकामी हाथ लगी। खर्च बढ़ता गया और अब हाथों-हाथ आने वाली फसलें भी पूरी तरह डूबकर मिट्टी में मिल गईं। उत्तर सोलापुर तहसील के तळे हिप्परगा ग्राम के किसानों ने सरकार से तात्कालिक पंचनामा करवाकर प्रति हेक्टेयर 50 हज़ार से 1 लाख रुपये तक का मुआवज़ा देने की माँग की है।
कृषक रतिकांत पाटील का कहना है कि लगातार बारिश से हमारी सारी मेहनत डूब गई। जो बोया था, वह सब मिट्टी में मिल गया। सरकार ने यदि अब मदद नहीं की, सरकारी मदद कम से कम 100000 होना चाहिए। वहीं, शरद काटे ने कहा है कि फसल लगने के बाद पैसे आने वाले थे लेकिन बारिश के कारण अब पूरा नुकसान हो गया। सरकार को तुरंत हमारी फसलों का पंचनामा करना चाहिए और मुआवज़ा देना चाहिए, तत्काल प्रभाव से सरकारी मदद 50,000 देंगे तो थोड़ी राहत होगी.