अयोध्या में रामलला के ‘सूर्य तिलक’ की स्थायी व्यवस्था, CBRI रुड़की को मिली जिम्मेदारी, 30 अप्रैल तक पूरा होगा हुतात्मा स्मारक

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम नवमी के अवसर पर प्रभु रामलला के मस्तक पर होने वाले दिव्य ‘सूर्य तिलक’ को अब हर वर्ष वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सटीक तरीके से संपन्न कराया जाएगा। इस पवित्र परंपरा के संचालन की जिम्मेदारी केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की को सौंपी गई है। इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट CBRI के साथ 10 वर्षों का अनुबंध करने जा रहा है।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दो दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूर्य तिलक की व्यवस्था को भविष्य में किसी भी तकनीकी त्रुटि से मुक्त रखने के लिए उसी संस्था को इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है, जिसने इस प्रणाली को विकसित किया है।

19 मार्च के बाद खुलेंगे परिसर के 15 मंदिर
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर परिसर में स्थित अन्य 15 मंदिरों में आम श्रद्धालुओं के दर्शन 19 मार्च को होने वाले राष्ट्रपति कार्यक्रम के बाद शुरू कर दिए जाएंगे। एक समय में अधिकतम 1000 श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा के मद्देनज़र पास प्रणाली लागू की जाएगी और केवल पासधारी श्रद्धालु ही इन मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का चार घंटे का प्रवास
नव संवत्सर के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में द्रौपदी मुर्मू करीब चार घंटे तक राम मंदिर परिसर में उपस्थित रहेंगी। इस दौरान वे मंदिर के दूसरे तल स्थित गर्भगृह में राम रक्षा यंत्र की स्थापना करेंगी। साथ ही मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लगभग 400 श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किए जाने की भी संभावना है।

सितंबर तक पूरा होगा अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय
राम मंदिर परिसर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें एक विशेष गैलरी भगवान हनुमान को समर्पित होगी। इस गैलरी का निर्माण आईआईटी मद्रास की टीम द्वारा किया जा रहा है, जहां 3D तकनीक के जरिए 12 मिनट की विशेष प्रस्तुति दिखाई जाएगी। हनुमान गैलरी में सीमित संख्या में टिकट के आधार पर प्रवेश मिलेगा, जबकि बाकी गैलरियां श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क रहेंगी।

30 अप्रैल तक पूरे होंगे शेष निर्माण कार्य
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब फोकस अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय, अस्थायी मंदिर और हुतात्मा स्मारक स्तंभ के निर्माण पर है। इन सभी कार्यों को 30 अप्रैल तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा बाउंड्री वॉल निर्माण के दौरान सीवर लाइन जैसी संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त भूमि के विषय में अरविंदो आश्रम से बातचीत जारी है।

सूर्य तिलक की परंपरा को मिलेगा स्थायी स्वरूप
राम नवमी पर सूर्य की किरणों से रामलला के मस्तक पर तिलक की यह वैज्ञानिक व्यवस्था अब स्थायी रूप से लागू की जा रही है। CBRI द्वारा विकसित तकनीक का संचालन अगले 10 वर्षों तक उसी संस्था के जिम्मे रहेगा, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को इस अलौकिक दृश्य के दर्शन में किसी तरह की बाधा न आए।

 

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