संसद मार्च से पहले बातचीत के संकेत, सीजेपी बोली- सरकार आगे आए तो हम तैयार; अब फैसले का इंतजार

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नई दिल्ली: संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार के साथ बातचीत की इच्छा जताई है। पार्टी का कहना है कि पहली बार प्रशासन की ओर से संवाद शुरू कराने की पहल की गई है। हालांकि अब तक सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। सीजेपी ने कहा है कि वह बातचीत के लिए तैयार है और अब अगला कदम सरकार को उठाना होगा।

‘अब गेंद सरकार के पाले में’

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रशासन ने सरकार के साथ बातचीत शुरू कराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भले ही यह पहल देर से हुई हो, लेकिन पार्टी ने खुले मन से बातचीत के लिए सहमति दी है। उनके मुताबिक फिलहाल सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है और अब फैसला सरकार को करना है।

सोनम वांगचुक की तबीयत स्थिर, अनशन जारी

सौरव दास ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने उन युवाओं को शुभकामनाएं भेजी हैं जो विभिन्न मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं।

शांतिपूर्ण मार्च निकालने की तैयारी

सीजेपी ने कहा कि जल्द ही शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि पिछले 30 दिनों से प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं और इसी तरह आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।

संसद मार्च को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी

सीजेपी और सोनम वांगचुक के समर्थकों की ओर से संसद मार्च के आह्वान के बाद दिल्ली पुलिस ने संसद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके साथ ही राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है और लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।

सोनम वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें

सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद यह भरोसा देते हैं कि इन मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा, तो वह 20 जुलाई को अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।

पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर आंदोलन

वांगचुक ने कहा कि यदि उन्हें और सीजेपी नेतृत्व को संसद तक पहुंचने दिया जाता है और जनप्रतिनिधि उनकी मांगों पर सदन में चर्चा का आश्वासन देते हैं, तो आंदोलन के अगले चरण पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल संसद मार्च और उससे जुड़े कार्यक्रमों को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 

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