मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर पुणे के बारामती जा रहा विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में अजित पवार, उनके पीएसओ समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई। दुर्घटनाग्रस्त विमान के कॉकपिट में मौजूद को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक भी इस हादसे का शिकार हो गईं। महज 25 साल की उम्र में एक होनहार महिला पायलट की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
कैप्टन शांभवी पाठक उस विमान की को-पायलट थीं, जो तकनीकी खराबी के बाद रनवे से भटक गया और उसमें आग लग गई। हादसे में विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर ही सभी यात्रियों की मौत हो गई।
ग्वालियर से शुरू हुआ उड़ान का सपना
कैप्टन शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई ग्वालियर के वायु सेना बाल भारती स्कूल से हुई। यहीं से उनके भीतर आसमान में उड़ने का सपना आकार लेने लगा। 2018 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहां से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में बीएससी की पढ़ाई शुरू की।
न्यूजीलैंड में हासिल किया कमर्शियल पायलट लाइसेंस
शांभवी ने पायलट बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में दाखिला लिया। यहां उन्होंने कठोर व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2018 और 2019 के बीच उन्होंने न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी और भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मानकों के तहत कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया।
2022 में बनीं पूरी तरह प्रशिक्षित पायलट
मुंबई विश्वविद्यालय से वैमानिकी, विमानन और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्नातक की डिग्री शांभवी ने 2022 में पूरी की। पायलट के रूप में करियर बनाने के साथ-साथ वह भविष्य के पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए भी समर्पित थीं। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दीं और उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (ए) भी थी।

कानपुर से जुड़ा था पारिवारिक नाता
कैप्टन शांभवी पाठक का पारिवारिक नाता उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़ा था। उनका ननिहाल कानपुर में है। परिवार में उनका एक छोटा भाई वरुण है। उनकी मां का नाम रोली शुक्ला पाठक है। हालांकि वर्तमान में शांभवी का परिवार दिल्ली में रह रहा था।
तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
बुधवार सुबह कैप्टन शांभवी, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर के साथ दो सदस्यीय कॉकपिट क्रू का हिस्सा थीं। दिल्ली स्थित चार्टर कंपनी वीएसआर द्वारा संचालित यह विमान अजित पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी विदित जाधव और एक सहायक पिंकी माली को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए ले जा रहा था। सुबह करीब 8:45 बजे बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आ गई। विमान रनवे से भटक गया और उसमें आग लग गई, जिससे यह भीषण दुर्घटना हो गई।