ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या पर कांग्रेस का तीखा हमला, बोली- ‘अंतरराष्ट्रीय नियमों की आत्मा पर सीधा प्रहार’
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित ‘लक्षित हत्या’ को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने रविवार को अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। पार्टी ने ईरान की जनता और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति का मूल आधार संवाद के जरिए विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान है। पार्टी ने कहा कि सभी देशों की समानता, आंतरिक मामलों में दखल न देना और शांति को बढ़ावा देना भारत की सभ्यता के मूल मूल्य रहे हैं।
‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन’
कांग्रेस ने बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा मौजूदा संघर्ष ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना, महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति और जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्षता की सोच के बिल्कुल विपरीत है। पार्टी ने ईरान और वेनेजुएला में सरकारों को अस्थिर करने के लिए ताकत के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई।
कांग्रेस का कहना है कि यह ‘सरकार बदलने की पुरानी नीतियों’ और जबरन एकतरफा रवैये की वापसी है। बयान में कहा गया कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन है, जो किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी को प्रतिबंधित करता है।
‘संप्रभुता बिना शर्त होती है’
पार्टी ने आगे कहा कि यह अनुच्छेद 2(7) का भी उल्लंघन है, जो किसी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से रोकता है। कांग्रेस ने कहा, “किसी बैठे हुए राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या अंतरराष्ट्रीय नियमों की आत्मा पर हमला है। संप्रभुता बिना शर्त होती है और राजनीतिक वैधता ताकत के बल पर स्थापित नहीं की जा सकती।”
पार्टी ने दोहराया कि हर देश के नागरिकों को अपना राजनीतिक भविष्य स्वयं तय करने का अधिकार है और किसी बाहरी शक्ति को सरकार बदलने या नेतृत्व तय करने का हक नहीं है।
खामेनेई की मौत की पुष्टि, 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकारी मीडिया ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमले में खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद की भी जान गई है। ईरान ने सुप्रीम लीडर के निधन पर 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है।
अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की। अमेरिका ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ जबकि इजरायल ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ नाम दिया है। हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई, 27 ठिकानों पर हमले का दावा
बताया गया है कि 1989 में क्रांति के संस्थापक रुहोल्ला खोमैनी के निधन के बाद अयातुल्ला खामेनेई ने सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। उनका कार्यकाल पश्चिमी प्रभाव के विरोध के लिए जाना जाता रहा।
ईरान ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है और ‘सबसे विनाशकारी हमला’ करने की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि उसने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों वाले 27 ठिकानों को निशाना बनाया है। साथ ही तेल अवीव पर भी हमला किया गया है। ईरानी हमलों की खबरें दुबई, दोहा, बहरीन और कुवैत समेत कई देशों से सामने आई हैं। ईरान का कहना है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
मौजूदा हालात ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं।