कोरोना वायरस का नया सबवेरिएंट BA.3.2, जिसे सिकाडा भी कहा जा रहा है, दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वेरिएंट पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में डिटेक्ट हुआ था और मार्च 2026 तक अमेरिका के 25 राज्यों में सैंपल्स में पाया जा चुका है। वहीं यूरोप के कई देशों जैसे जर्मनी, डेनमार्क और नीदरलैंड्स में यह वेरिएंट 30 प्रतिशत तक फैला हुआ है। WHO ने इसे वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग (VUM) में शामिल किया है।
BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट ओमिक्रॉन वेरिएंट का वंशज है, जिसमें स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70-75 म्यूटेशन पाए गए हैं। यह अब तक 20 से अधिक देशों में देखा जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं फैला रहा और 2025-2026 की सर्दियों में फैलने वाले अन्य वेरिएंट्स की तुलना में कम गंभीर है। हालांकि, म्यूटेशन के कारण मौजूदा कोविड वैक्सीन पर इसका असर थोड़ा कम हो सकता है।
Cicada वेरिएंट के लक्षण
इस वेरिएंट के लक्षण ओमिक्रॉन स्ट्रेन के समान हैं और अब तक कोई नया या असामान्य लक्षण सामने नहीं आया है। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं गले में खराश, सूखी खांसी, थकान और शरीर में दर्द, बुखार और ठंड लगना, तथा सिरदर्द।
बचाव और सुरक्षा के उपाय
विशेषज्ञों ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है। कोविड से बचाव और फैलाव रोकने के लिए सामान्य सावधानियां अपनाएं। खाना खाने से पहले या बीमार व्यक्ति के संपर्क के बाद हाथ धोएं। यदि उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो घर पर रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखें। लक्षण गंभीर या लंबे समय तक बने रहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विशेषज्ञों के अनुसार BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट हेवी म्यूटेटेड ओमिक्रॉन सबवैरिएंट है, जो इम्यूनिटी को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अभी तक कोई सबूत नहीं है कि यह पिछले वेरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी या मौत का कारण बन रहा है। वैक्सीन गंभीर संक्रमण से बचाव करती है और अपडेटेड बूस्टर लेने की सलाह दी जा रही है।