350 करोड़ Chrome यूजर्स पर मंडराया साइबर खतरा, गूगल ने जारी किया इमरजेंसी अपडेट; तुरंत ब्राउजर अपडेट करने की सलाह

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नई दिल्ली। दुनिया के सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउजर में शामिल गूगल क्रोम को लेकर बड़ी साइबर सुरक्षा चेतावनी सामने आई है। कंपनी ने पुष्टि की है कि क्रोम में दो बेहद खतरनाक ‘जीरो-डे’ सुरक्षा कमजोरियां पाई गई हैं, जिनका हैकर्स पहले से फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए गूगल को इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट जारी करना पड़ा है। अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 3.5 अरब क्रोम यूजर्स इस खतरे से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए सभी यूजर्स को तुरंत अपना ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी गई है।

क्रोम में मिली दो गंभीर ‘जीरो-डे’ कमजोरियां

रिपोर्ट के मुताबिक क्रोम में CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 नाम की दो बड़ी सुरक्षा खामियां पाई गई हैं। इन दोनों को ‘जीरो-डे वल्नरेबिलिटी’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि इन कमजोरियों का इस्तेमाल हैकर्स उस समय भी कर सकते हैं जब तक कंपनी को इनके बारे में पूरी तकनीकी जानकारी न हो।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इन खामियों को हाई सीवेरिटी कैटेगरी में रखा गया है क्योंकि ये ब्राउजर के मुख्य सिस्टम कंपोनेंट्स को प्रभावित करती हैं। इनका फायदा उठाकर हमलावर किसी यूजर के सिस्टम में खतरनाक कोड चला सकते हैं या संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकते हैं।

सिर्फ एक संदिग्ध वेबसाइट खोलना भी बन सकता है खतरा

रिपोर्ट के अनुसार CVE-2026-3909 क्रोम की ग्राफिक्स लाइब्रेरी सिस्टम ‘स्किया’ से जुड़ी कमजोरी है। इस खामी का इस्तेमाल करके हमलावर किसी यूजर को एक खतरनाक वेबसाइट पर भेज सकते हैं और वहां से सिस्टम में दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकते हैं।

वहीं दूसरी कमजोरी CVE-2026-3910 क्रोम के जावास्क्रिप्ट इंजन ‘V8’ में पाई गई है। इस खामी के जरिए किसी विशेष एचटीएमएल पेज के माध्यम से हमलावर ब्राउजर के अंदर कोड चला सकते हैं। ऐसे में केवल किसी संदिग्ध वेबसाइट को खोलना भी यूजर के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

सुरक्षा कमजोरियां खोजने पर गूगल देता है इनाम

साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गूगल ‘वल्नरेबिलिटी रिवॉर्ड प्रोग्राम’ भी चलाता है। इस कार्यक्रम के तहत दुनिया भर के सिक्योरिटी रिसर्चर्स को सुरक्षा खामियां खोजने पर इनाम दिया जाता है।

कंपनी के मुताबिक पिछले 15 वर्षों में इस कार्यक्रम के जरिए लगभग 81.6 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जा चुका है। केवल वर्ष 2025 में ही 17 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि इनाम के तौर पर दी गई। क्रोम की सुरक्षा मजबूत बनाए रखने में वैश्विक रिसर्चर्स की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

यूजर्स तुरंत करें ब्राउजर अपडेट

गूगल ने इस खतरे को देखते हुए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह अपडेट सभी यूजर्स तक पहुंचने में कुछ दिन या सप्ताह लग सकते हैं, इसलिए यूजर्स को खुद भी अपडेट चेक करना जरूरी है।

इसके लिए क्रोम के तीन डॉट मेन्यू में जाकर ‘हेल्प’ और फिर ‘अबाउट गूगल क्रोम’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। अगर नया अपडेट उपलब्ध होगा तो ब्राउजर उसे स्वतः डाउनलोड और इंस्टॉल कर देगा। अपडेट पूरा होने के बाद ब्राउजर को रीस्टार्ट करना जरूरी है ताकि नई सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय हो सके।

 

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