दिल्ली बजट 2026-27: ‘हरित बजट’ के साथ 1.03 लाख करोड़ का प्लान, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर महिलाओं तक कई बड़े ऐलान

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नई दिल्ली में मंगलवार को मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट को ‘हरित बजट’ का नाम देते हुए उन्होंने राजधानी में तेज विकास और सतत विकास मॉडल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के साथ विकास को गति मिल रही है।

किस विभाग को कितना मिला हिस्सा

इस बार बजट में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र को 19,326 करोड़ रुपये (18.64%) आवंटित किए गए हैं। चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 13,034 करोड़ रुपये (12.57%) का प्रावधान है। परिवहन, सड़कें और पुल के लिए 12,613 करोड़ रुपये (12.16%) और आवास एवं शहरी विकास के लिए 11,572 करोड़ रुपये (11.16%) रखे गए हैं।

सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण को 10,537 करोड़ रुपये, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता को 9,000 करोड़ रुपये और ऊर्जा क्षेत्र को 3,938 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कृषि, ग्रामीण विकास और सिंचाई के लिए 1,777 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार के 10 बड़े संकल्प

सरकार ने इस बजट के जरिए विकास के 10 प्रमुख संकल्प भी पेश किए हैं, जिनमें मजबूत बुनियाद, स्वच्छ जल, सुलभ स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास, समावेशी विकास, स्मार्ट कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन, निवेश और रोजगार, विरासत संरक्षण और हरित विकास जैसे लक्ष्य शामिल हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर बड़ा फोकस

राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास एवं आवास विभाग को 7,887 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी तक बढ़ाने और सैवी सिनेमा चौराहे पर नया फ्लाईओवर बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 371 करोड़ रुपये की परियोजना में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मंगल पांडे रोड पर अंडरपास निर्माण को भी मंजूरी मिली है।

जल और ड्रेनेज सिस्टम पर जोर

दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे जल आपूर्ति बढ़ाने और पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार गैर-राजस्व जल को 45% से घटाकर 15% करने और हर घर तक नल का पानी पहुंचाने की दिशा में काम करेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश

स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने के लिए 12,645 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहली बार जन आरोग्य योजना लागू करते हुए 7.5 लाख लाभार्थियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विधवाएं, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर शामिल होंगे।

इसके अलावा नवजात शिशुओं के लिए ‘अनमोल’ योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 56 प्रकार के मुफ्त टेस्ट किए जाएंगे।

शिक्षा और युवाओं के लिए योजनाएं

शिक्षा क्षेत्र में नए स्कूल भवनों के लिए 200 करोड़ रुपये और स्कूल विस्तार के लिए 275 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कक्षा 9 की करीब 1.30 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं, 10वीं पास मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

महिलाओं और बेटियों के लिए खास योजनाएं

‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ के तहत बेटियों के खाते में जन्म से स्नातक तक 61,000 रुपये जमा किए जाएंगे, जो परिपक्वता पर 1.2 लाख रुपये हो जाएंगे। इसके लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा ‘दुर्गा योजना’ के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर को ई-ऑटो परमिट देने की योजना है, जिसमें पहले चरण में 1,000 महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर को लाभ मिलेगा।

परिवहन और हरित पहल पर जोर

परिवहन विभाग के लिए 8,374 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार मार्च 2027 तक 7,500 बसें सड़कों पर उतारने की योजना पर काम कर रही है, जिनमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी।

कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी 22,236 करोड़ रुपये हरित बजट के तहत रखा गया है। पर्यावरण और वन विभाग का बजट बढ़ाकर 822 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा

पर्यटन विभाग का बजट बढ़ाकर 412 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही, दिल्ली में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाने की भी घोषणा की गई है।

 

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