नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर सरकार ने राहत भरी तस्वीर पेश की है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि 2025-26 की सर्दियों के दौरान दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) केवल 10 दिनों के लिए ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा, जबकि वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा 31 दिन का था। यह जानकारी उन्होंने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
NCAP के तहत 130 शहरों में दिखे सकारात्मक नतीजे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत देश के 130 शहरों में किए गए प्रयासों का असर अब साफ नजर आ रहा है। 2017-18 की तुलना में 2024-25 के दौरान 103 शहरों में पीएम10 की औसत सांद्रता में कमी दर्ज की गई है। इनमें से 64 शहरों में पीएम10 स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि 25 शहरों में यह कमी 40 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है।
दिल्ली के औसत AQI में भी सुधार
भूपेंद्र यादव ने बताया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का असर दिल्ली में भी देखने को मिला है। राजधानी का औसत AQI वर्ष 2018 में 225 था, जो 2025 में घटकर 201 पर आ गया है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में प्रदूषण स्तर को और नीचे लाने के लिए कई योजनाओं पर काम जारी है।
703 कंपनियों पर 55 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना
संसद में एक अन्य लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि कंपनी कानून के प्रावधानों का पालन न करने पर 703 कंपनियों पर कुल 55 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। कार्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा को बताया कि कंपनी अधिनियम, 2013 के उल्लंघन में किसी तरह की बढ़ोतरी का संकेत नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में 703 कंपनियों पर कार्रवाई की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,066 कंपनियों पर 109 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में जुर्माने के तौर पर 7.51 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है।
इस्पात निर्माताओं के कथित कार्टेल पर जांच जारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) इस्पात निर्माताओं द्वारा कथित कार्टेलाइजेशन की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट संबंधित पक्षों के साथ साझा कर दी गई है, ताकि वे प्रतिस्पर्धा कानून के तहत अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकें।
लोकसभा को बताया गया कि CCI ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों से जुड़े 54 मामले दर्ज किए हैं और वर्ष 2025 में 149 विलय एवं अधिग्रहण (M&A) से जुड़े आवेदन प्राप्त किए गए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखित जवाब में कहा कि मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत इस्पात कार्टेल से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है।
तमिलनाडु से उत्खनन के लिए 45 प्रस्ताव भेजे गए
सरकार ने संसद को यह भी जानकारी दी कि तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र से मंजूरी लेने के लिए 45 पुरातात्विक उत्खनन प्रस्ताव भेजे हैं। वर्ष 2025 में भेजे गए 12 प्रस्तावों में से 8 अभी विचाराधीन हैं।
द्रमुक सांसद कनिमोझी के सवाल पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुष्टि की कि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई पीठ ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को थूथुकुडी के आदिचनल्लूर में उत्खनन जारी रखने के लिए तमिलनाडु सरकार के अनुरोधों पर सकारात्मक रुख अपनाने और पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है।