लखनऊ के पीजीआई में हाईटेक इलाज के लिए नया केंद्र बनाया जाएगा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि पीजीआई में गंभीर और दुर्लभ रोगियों के लिये क्वार्टनरी स्वास्थ्य (चतुर्थक स्वास्थ्य-देखभाल) केन्द्र स्थापित होगा। यहां जटिल ऑपरेश्न, लिवर, हार्ट, किडनी समेत दूसरे अंग काम न करने वाले गंभीर रोगियों को उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा। यहां रोगियों को प्रोटॉन, सेलुरल थेरेपी, ईसीएमओ, उन्नत न्यूरो-इंटरवेंशनल, सटीक ऑन्कोलॉजी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि संस्थान में जांच, ऑपरेशन व उपचार की दिशा में एआई की उपयोगिता बढ़ेगी।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीजीआई से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को स्पोक-हब मॉडल के जरिए जोड़ा जाएगा। टेली मेडिसिन की मदद से संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मुहैया कराएंगे। यह सुविधा प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेज में शुरू हो चुकी है।
सीसीएम में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीजीआई ने लोगों का भरोसा जीता है। निजी अस्पताल में इलाज कराकर थक चुके लोग पीजीआई में इलाज के लिए मुझसे सिफारिश करवाते हैं। उन्होंने कहा कि पीजीआई के क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) विभाग में 40 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किये जाएंगे। साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में बेड की क्षमता दोगुनी करने पर काम किया जा रहा है। अभी करीब 100 बेड पर रोगियों को इलाज मिल रहा है।
62 ने रक्तदान किया
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भर्ती मरीजों के लिए 62 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। संस्थान परिसर में पौधरोपण किया गया। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की डॉ. अलका वर्मा और एनेस्थेसियोलाजी की डॉ. दिव्या द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया।
नवाचार आधारित चिकित्सा शिक्षा लागू की गई:डॉ. सेठ
समारोह के वक्ता नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा को समाज की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। पढ़ाई में व्यावहारिक प्रशिक्षण को अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। नवाचार आधारित चिकित्सा शिक्षा प्रणाली लागू की गई है। मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मरीजों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं: राज्य मंत्री
चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि डॉक्टर मरीजों को उनकी बीमारी के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी दें ताकि रोगी पूरी तरह संतुष्ट हो। इससे रोगी एवं तीमारदार का डॉक्टर के प्रति विश्वास और भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने डॉक्टरों के वेतन बढ़ाने का समर्थन किया। वेतन बढ़ने से डॉक्टरों का पलायन रुकेगा। इस दिशा में सरकार काम कर रही है।