UP News: उत्तर प्रदेश में हादसों में घायलों को समय पर बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि गंभीर मरीजों को सीधे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर की ओर न जाना पड़े। इससे केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पर मरीजों का दबाव कम होगा और समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित होगा। यह जानकारी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी।
केजीएमयू में ट्रॉमा वर्कशॉप का आयोजन
मंगलवार को केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेई सांइटिफिक कन्वेंशन सेंटर में “ट्रॉमा एंड इमरजेंसी केयर रोडमैप फॉर ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पांच साल पुराने सभी मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खोला जाएगा, ताकि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तुरंत और बेहतर इलाज मिल सके।
लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर हर मंडल में
ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रत्येक मंडल में लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे। इसके तहत प्रमुख हाईवे और शहरों में ट्रॉमा सेंटरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य घायलों को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मुहैया कराकर उनकी जान बचाना है।
डॉक्टरों और स्टाफ के प्रशिक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के एमबीबीएस डॉक्टरों को ट्रॉमा केयर में प्रशिक्षित किया जाएगा। छह महीने के प्रशिक्षण के बाद उन्हें डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जिसे वैद्यानिक मान्यता प्राप्त होगी। इसके साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रॉमा टास्क फोर्स का योगदान भी अहम होगा।
दवाओं के साथ सहानुभूति भी जरूरी
डिप्टी सीएम ने कहा कि डॉक्टर मरीजों को केवल दवा देकर ही नहीं, बल्कि सहानुभूति और संवेदनशील व्यवहार दिखाकर भी इलाज करें। आयुर्वेद, होम्योपैथिक और एलोपैथिक चिकित्सा के साथ सिम्पैथी मरीजों को जल्दी स्वस्थ करने में मदद करती है। उनका कहना था कि सभी जिम्मेदारियों के अलग होने के बावजूद मकसद एक ही है – मरीज की जान बचाना और उसे बेहतर इलाज देना।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष, नीति आयोग के सदस्य डॉ. बीके पाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक सारिका मोहन, विशेष सचिव कृतिका सिंह, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार, केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेम राज, सीएमओ डॉ. एनबी सिंह, डॉ. केके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित रहे।