नई दिल्ली : वेनेजुएला में अमेरिकी स्ट्राइक और सैन्य अभियान के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अमेरिका का तेल का खेल अब शुरू हो चुका है. डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही वेनेजुएला के ऑयल सेक्टर को लेकर अपना रुख साफ कर दिया था और अब उन्होंने अपने प्लान पर कदम आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है. अगले हफ्ते इसे लेकर राष्ट्रपति बड़ी बैठक भी करने वाले हैं.
Venezuela में दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और इसे लेकर ट्रंप ने देश में स्ट्राइक के बाद ही अपना रुख भी साफ कर दिया था. निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में एंट्री लेंगी और वहां के क्षतिग्रस्त ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर लगाएंगी. उनका सीधा इशारा था कि वेनेजुएला के तेल के खजाने पर अमेरिका का कंट्रोल होगा. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि हम Venezuela में जो भी खर्च करेंगे उसकी भरपाई हमें मिलेगी. बता दें कि वेनेजुएला में प्रूव्ड लगभग 303 अरब बैरल का ऑयल रिजर्व है और इसकी वैल्यू करीब 15-17 ट्रिलियन डॉलर के आस-पास है, जो कई देशों की GDP से भी ज्यादा है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए तेल कंपनियों के साथ बातचीत की तैयारी कर ली है. मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का प्रशासन इस सप्ताह के अंत में अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक करने की योजना बना रहा है.
ये बैठक इसलिए होगी ताकि अमेरिकी सेना (US Army) द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करने के बाद वेनेजुएला में ऑयल प्रोडक्शन बढ़ाने पर चर्चा की जा सके. इसके अलावा ट्रंप की तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक इस उम्मीद के लिए महत्वपूर्ण हैं कि Top US Oil Firms को साउथ अमेरिकी देश में वापस लाया जा सके. बता दें कि करीब दो दशक पहले वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिकी नेतृत्व वाले ऊर्जा संचालन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था.
हालांकि, मामले से परिचित तेल उद्योग से जुड़े 4 अधिकारियों ने ये भी कहा है कि अमेरिका की तीन सबसे बड़ी तेल कंपनियों एक्सॉन मोबिल, कॉनोकोफिलिप्स और शेवरॉन, ने अभी तक मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के संबंध में ट्रंप प्रशासन से संपर्क नहीं किया है. एक सूत्र के मुताबिक, इन तीनों कंपनियों में से किसी ने वेनेजुएला में संचालन के बारे में व्हाइट हाउस से कोई बातचीत नहीं की है. फिर बात चाहे मादुरो को हटाने से पहले की हो या बाद की.
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि Donald Trump की आगामी बैठकों में कौन-कौन से अधिकारी शामिल होंगे? क्या तेल कंपनियां व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक रूप से भाग लेंगी? इसे लेकर हालांकि, व्हाइट हाउस (White House) ने कोई जानकारी शेयर नहीं की है, उसका मानना है कि अमेरिकी तेल उद्योग वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर तेल का निवेश करने के लिए तैयार है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टेलर रोजर्स का कहना है कि, ‘हमारी सभी तेल कंपनियां वेनेजुएला में बड़ा निवेश करने के लिए तैयार और रजामंद हैं, जिससे वहां के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर का पुनर्निर्माण किया जा सके, जिसे मादुरो शासन द्वारा नष्ट कर दिया गया था.’