नई दिल्ली। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को देश के पहले सहकारी आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ करेंगे। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से ड्राइवरों को प्रत्यक्ष लाभ देने और यात्रियों को सर्ज-फ्री, किफायती सेवा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
स्वदेशी विकल्प, विदेशी प्लेटफॉर्म को चुनौती
‘भारत टैक्सी’ मल्टी-स्टेट कोपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत है और जीरो कमीशन मॉडल पर काम करती है। प्लेटफॉर्म ने दो दिसंबर से दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में पायलट संचालन शुरू किया था। अब इसे ओला, उबर और रैपिडो जैसी विदेशी और निजी राइड-हेलिंग सेवाओं को चुनौती देने वाला स्वदेशी विकल्प माना जा रहा है।
तीन लाख ड्राइवर और एक लाख उपयोगकर्ता जुड़ चुके
भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। लॉन्चिंग के बाद से तीन लाख से अधिक ड्राइवर ‘सारथी’ इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं और एक लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कर लिया है। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं। अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों में वितरित किए जा चुके हैं।
ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्राथमिकता
प्लेटफॉर्म ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट सेविंग्स और सहायता केंद्र जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराता है। दिल्ली में सात सहायता केंद्र संचालित हैं, जहां ड्राइवरों को तत्काल मदद और मार्गदर्शन मिलता है।
देशव्यापी विस्तार का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत टैक्सी को अगले दो वर्षों में सभी राज्यों और शहरों में विस्तारित करने का लक्ष्य है। यह पूरी तरह ड्राइवर-केंद्रित प्लेटफॉर्म होने के कारण मोबाइल राइड-हेलिंग बाजार में गेमचेंजर साबित हो सकता है।