आज के तेज़ रफ्तार जीवन में ब्रेड-बटर या सैंडविच सुबह का सबसे आसान और तेज़ नाश्ता बन गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस जाने वाले लोगों तक, ज्यादातर घरों में दिन की शुरुआत ब्रेड से होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाली पेट ब्रेड खाने से आपका शरीर कई तरह से प्रभावित हो सकता है? आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के अनुसार सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। अगर यह संतुलित न हो तो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए खतरा
खाली पेट ब्रेड खाने से सबसे पहला असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है। ब्रेड में अधिकतर कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो जल्दी पचकर शुगर में बदल जाते हैं। इसे खाली पेट खाने पर ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है। यह उन लोगों के लिए खतरनाक है जो डायबिटीज के जोखिम में हैं या पहले से शुगर की समस्या झेल रहे हैं।
कमजोरी और थकान
आयुर्वेद के अनुसार सुबह जल्दी शुगर बढ़ाने वाले भोजन से पित्त और कफ में असंतुलन हो सकता है। इसका असर शरीर पर सीधे दिखाई देता है और कमजोरी, थकान या ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है।
कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य
सुबह खाली पेट ब्रेड खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। बाजार में मिलने वाली अधिकांश ब्रेड सफेद आटे से बनाई जाती है, जिसमें विटामिन ई, मिनरल्स और फाइबर बहुत कम होते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म, खून की सफाई और पेट की सफाई के लिए जरूरी हैं। रोजाना खाली पेट ब्रेड खाने से लंबे समय में हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
पाचन और कब्ज की समस्या
ब्रेड में फाइबर की कमी होती है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है। खाली पेट ब्रेड खाने पर पेट जल्दी भरा नहीं लगता, लेकिन कार्ब्स शरीर में फैट में बदलने लगते हैं। इसका असर वजन बढ़ने और कब्ज जैसी पाचन समस्याओं के रूप में दिखता है।
हार्ट हेल्थ पर असर
बाजार की ब्रेड में ताजा बनाए रखने के लिए प्रिजर्वेटिव्स और सोडियम की मात्रा अधिक होती है। ज्यादा सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और लंबे समय में यह दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।