नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। मामले की पड़ताल के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पहुंची। SIT की मौजूदगी में घटनास्थल पर मौजूद रहे अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच को देखते हुए SIT के पहुंचने से पहले ही नोएडा प्राधिकरण के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया, जबकि कार्यालय के बाहर SDRF की बस भी तैनात रही।
16 जनवरी की रात की घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी SIT
SIT की टीम 16 जनवरी की रात युवराज मेहता की मौत से जुड़ी पूरी घटनाक्रम को क्रमवार समझने के लिए मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। टीम का फोकस यह जानने पर है कि घटना के समय किन-किन विभागों की भूमिका क्या रही और किस स्तर पर लापरवाही हुई। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
जांच के दौरान अफसरों और सुरक्षा बलों की मौजूदगी
SIT के पहुंचने से पहले ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में मौजूद हो गए थे। हाथों में फाइलें लेकर CFO, ACP, SHO, CMO, फायर विभाग, SDRF के जवान और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे। मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रवेश को नियंत्रित किया गया, जबकि जांच प्रक्रिया की निगरानी के लिए ज्वाइंट CP भी मौके पर मौजूद रहे।
125 लोगों के बयान दर्ज, मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, आज नोएडा प्राधिकरण, फायर विभाग, SDRF और पुलिस से जुड़े कुल 125 लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। SIT इन सभी बयानों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। SIT की कोशिश है कि युवराज मेहता मौत मामले से जुड़े सभी तथ्य पूरी तरह सामने लाए जा सकें।