Everest Scam: खाने में मिलाया जाता था बेकिंग सोडा, बीमार बनाकर कराते थे महंगे रेस्क्यू—नेपाल में 188 करोड़ का बड़ा घोटाला उजागर

0 44

काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट से जुड़ा एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जिसने एडवेंचर टूरिज्म इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया है। नेपाल में ट्रेकिंग और रेस्क्यू सिस्टम के नाम पर करोड़ों रुपये का बीमा फ्रॉड किया जा रहा था, जिसमें पर्यटकों को जानबूझकर बीमार बनाया जाता था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले में करीब 188 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। नेपाल पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें ट्रेकिंग कंपनियों के मालिक, हेलिकॉप्टर ऑपरेटर और अस्पताल से जुड़े लोग शामिल हैं।

खाने में मिलाते थे बेकिंग सोडा, फिर शुरू होता था खेल

जांच में सामने आया कि कुछ शेरपा और ट्रेकिंग एजेंसियां मिलकर पर्यटकों के खाने में बेकिंग सोडा या अन्य दवाएं मिला देते थे। इससे ट्रेकर्स को पेट दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर लक्षण होने लगते थे, जो ऊंचाई पर होने वाली बीमारी जैसे दिखाई देते थे।

कुछ मामलों में डायमॉक्स जैसी दवाओं के साथ ज्यादा पानी पिलाकर भी ऐसे लक्षण पैदा किए जाते थे, जिससे पर्यटकों की हालत गंभीर लगने लगे।

बीमार पड़ते ही कराया जाता था महंगा हेलिकॉप्टर रेस्क्यू

जैसे ही पर्यटक बीमार होते, उन्हें तुरंत हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के लिए राजी किया जाता या दबाव बनाया जाता था। नेपाल के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू आमतौर पर जरूरी होता है, क्योंकि वहां ऑक्सीजन की कमी और अचानक बदलते मौसम के कारण स्थिति खतरनाक हो सकती है।

इसी जरूरत का फायदा उठाकर आरोपियों ने बीमा कंपनियों से मोटी रकम वसूलने का खेल रचा।

फर्जी बिल और दस्तावेजों से करोड़ों की वसूली

जांच में यह भी सामने आया कि एक ही हेलिकॉप्टर में कई लोगों को ले जाया जाता था, लेकिन हर व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग उड़ान दिखाकर पूरा-पूरा बिल बीमा कंपनियों को भेजा जाता था।

उदाहरण के तौर पर, 4000 डॉलर की एक उड़ान के लिए 12000 डॉलर तक का क्लेम किया जाता था। इस तरह फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेजों के जरिए अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियों से भारी रकम वसूली जाती थी।

इस पूरे नेटवर्क में शेरपा, ट्रेकिंग एजेंसियां, हेलिकॉप्टर कंपनियां और अस्पताल मिलकर इस रकम का बंटवारा करते थे।

जांच जारी, कई गिरफ्तारियां

इस मामले की जांच जनवरी में शुरू हुई थी। अब तक तीन बड़ी रेस्क्यू कंपनियों के छह अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अपराध है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।

टूरिज्म इंडस्ट्री पर बड़ा सवाल

इस घोटाले ने नेपाल के एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर हेलिकॉप्टर रेस्क्यू कई बार जीवन बचाने का एकमात्र साधन होता है, वहीं इस तरह के दुरुपयोग ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.