भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल सदियों से होता रहा है। हल्दी न केवल खाने का रंग और स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी हैं। आयुर्वेद में हल्दी को जड़ी-बूटी के रूप में वरदान माना गया है। इसमें मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। लेकिन किसी भी चीज की तरह हल्दी का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
किडनी स्टोन का खतरा
एशियन हॉस्पिटल के किडनी ट्रांसप्लांट एंड मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. रीतेश शर्मा के अनुसार, सामान्य मात्रा में हल्दी खाना सुरक्षित है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा या सप्लीमेंट के रूप में लेने पर किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर में ऑक्सेलेट का स्तर बढ़ाता है, जिससे किडनी में पथरी बनने की संभावना अधिक हो जाती है। पहले से किडनी स्टोन की समस्या वाले लोग हल्दी का अधिक सेवन बिल्कुल न करें।
किडनी पर दबाव
हाई-डोज सप्लीमेंट लेने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे टॉक्सिसिटी का खतरा बढ़ सकता है और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
पेट की समस्याएं
अत्यधिक हल्दी खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसमें गैस, एसिडिटी और पेट में जलन जैसी समस्याएं शामिल हैं। पेट की संवेदनशीलता वाले लोग हल्दी का सेवन कम मात्रा में ही करें।
सुरक्षित मात्रा
रोजमर्रा के खाने में डाली जाने वाली हल्दी सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। हाई-डोज सप्लीमेंट लेने से पहले बिना डॉक्टर की सलाह न लें। हल्दी फायदेमंद है, लेकिन संतुलित मात्रा में। अगर किसी को किडनी स्टोन, किडनी रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अधिक मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।