गौतम बुद्ध नगर: फरीदाबाद और गौतम बुद्ध नगर की सीमा से जुड़े गांवों में भूमि विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मंगलवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और विवाद के समाधान को लेकर ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।
डीएम और एडीएम की मौजूदगी में हुआ टेबल टॉप सर्वे
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम और फरीदाबाद की एडीएम अंजलि श्रोत्रिय ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान टेबल टॉप सर्वे के जरिए विवादित क्षेत्र की स्थिति को समझने और दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक आकलन किया गया। बैठक में दोनों जिलों की राजस्व टीम और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्व टीम और दस्तावेजों के साथ गांव स्तर तक की जांच
सीमा से जुड़े गांवों के लेखपाल और राजस्व विभाग की टीमें सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ बैठक में शामिल हुईं। अधिकारियों ने जमीन के नामांतरण और सीमांकन से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की, ताकि विवाद का निष्पक्ष समाधान निकाला जा सके।

संयुक्त सर्वे टीम का गठन, आधुनिक तकनीक से होगा सीमांकन
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए गौतम बुद्ध नगर और फरीदाबाद के राजस्व अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से टीएसएम विधि के जरिए भूमि का सर्वे और सीमांकन करेगी, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
रक्षा मंत्रालय से मिलेगा तकनीकी सहयोग, 15 दिन में रिपोर्ट
अधिकारियों ने यह भी तय किया कि रक्षा संपदा अधिकारी, नई दिल्ली से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा और सर्वेयर टीम की मदद से कार्य को तेज किया जाएगा। संयुक्त टीम को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्टेशन कमांडेंट तिलपत ग्रुप कैप्टन निशांत शर्मा, गौतम बुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी (भू-अधिग्रहण) बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, सहायक अभिलेख अधिकारी चारूल यादव, फरीदाबाद के डीआरओ विकास सिंह, तहसीलदार सुमेर सिंह और सदर कानूनगो राजेश सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।