गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति सोमवार को और गंभीर हो गई। नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के 15 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। असम सरकार के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 3.63 लाख से अधिक हो गई है। इस वर्ष बाढ़ से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
एक दिन में कई गुना बढ़े प्रभावित लोगों के आंकड़े
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, रविवार तक सात जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे। वहीं सोमवार को प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 15 हो गई और कई राजस्व मंडलों में कुल प्रभावित आबादी 3.63 लाख से ज्यादा दर्ज की गई।
580 गांव जलमग्न, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद
सरकारी बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ के कारण राज्य के 580 गांव पानी में डूब गए हैं। वहीं 10,362.9 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक अवसंरचनाएं भी बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं कई प्रमुख नदियां
ब्रह्मपुत्र नदी नेमाटीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा बुरीदिहिंग नदी खोवांग में, दिखौ नदी शिवसागर में, दिसांग नदी नांगलामुराघाट में और धनसिरी नदी नुमालीगढ़ में भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा लगातार बढ़ रहा है।
राहत और बचाव के लिए सेना तैनात
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ऊपरी असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए चार मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है।
गुवाहाटी में भारी बारिश और भूस्खलन का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुवाहाटी में अगले 24 घंटों के दौरान और बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है। कामरूप मेट्रोपॉलिटन के जिला आयुक्त स्वप्नील पॉल ने बताया कि जिले में कम से कम पांच स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, इन घटनाओं में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। प्रभावित स्थानों में प्रशांति लॉज के आगे कामाख्या मुख्य मार्ग, गणेश मंदिर के पास कामाख्या कॉलोनी, पश्चिम कामाख्या गांव, पांडु टेंपल घाट और मालीगांव का माधवदेवनगर क्षेत्र शामिल हैं।