रामपुर में दो पैन कार्ड प्रकरण में सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को अदालत में अहम सुनवाई हुई। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे, पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की अपील पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। अदालत ने अपीलकर्ता पक्ष को अंतिम बार अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख निर्धारित कर दी है।
2019 में दर्ज हुआ था दो पैन कार्ड का मामला
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ दो पैन कार्ड का मामला वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था। यह मुकदमा भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला के लिए अलग-अलग जन्मतिथि दर्शाकर दो पैन कार्ड बनवाए गए और उनका इस्तेमाल भी किया गया।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। इसके बाद एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने 17 अक्टूबर 2025 को सुनवाई करते हुए दोनों को दोषी करार दिया और सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
सजा के खिलाफ दाखिल की गई अलग-अलग अपील
सजा के खिलाफ आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने एमपी-एमएलए विशेष अदालत में अलग-अलग अपील दाखिल की थी। साथ ही जमानत के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जा रही है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पहले अपीलकर्ता पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी दलीलें पेश कीं। इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि अभियोजन की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। अब अदालत ने अपीलकर्ता पक्ष को अंतिम अवसर देते हुए 16 मार्च की तारीख तय की है।
गवाह को धमकाने के मामले में सुनवाई टली
इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के खिलाफ गवाह को धमकाने के एक अन्य मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
2022 में दर्ज हुई थी धमकी देने की प्राथमिकी
गवाह को धमकाने का यह मामला मुहल्ला बेरियान निवासी नन्हे की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उन्होंने 17 अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वह डूंगरपुर प्रकरण से जुड़े एक मामले में वादी हैं, जिसमें आजम खान भी आरोपित हैं।
शिकायत में कहा गया था कि घटना वाले दिन कुछ लोग उनके घर पहुंचे और आजम खान के खिलाफ गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आजम खान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने इस मामले में भी न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। यह मुकदमा एमपी-एमएलए विशेष अदालत में विचाराधीन है। अदालत में आरोप तय हो चुके हैं और फिलहाल ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों की गवाही कराई जा रही है।