देहरादून। उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान बजट अभिभाषण में घोषणा की कि गौचर से बदरीनाथ धाम तक शटल सेवा शुरू की जाएगी। यह सेवा सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा की तर्ज पर संचालित होगी और श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान लंबी लाइन और जाम से राहत दिलाएगी।
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव अक्सर अत्यधिक बढ़ जाता है। विशेषकर जोशीमठ से बदरीनाथ के बीच लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, जिससे श्रद्धालुओं को कई घंटों तक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। नए शटल सेवा प्रस्ताव के तहत गौचर में निजी वाहनों को बड़ी पार्किंग में खड़ा किया जाएगा और तय शटल सेवा के माध्यम से यात्रियों को बदरीनाथ धाम तक पहुंचाया जाएगा। इससे मार्ग पर वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी और ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी।
गौचर-बदरीनाथ शटल सेवा का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करना भी है। सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा के अनुभव को आधार बनाकर नई शटल सेवा में स्थानीय वाहनों का उपयोग किया जाएगा। श्रद्धालुओं को कम से कम 1000 वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी, और 50 रुपये प्रति यात्री के हिसाब से शटल सेवा संचालित की जाएगी।
जहां केदारनाथ में शटल सेवा महज 5.5 किलोमीटर का सफर कराती है, वहीं गौचर-बदरीनाथ शटल सेवा लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। अधिकारियों का कहना है कि केदारनाथ में शटल सेवा की सफलता को देखकर अब बदरीनाथ के लिए समान व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल यात्रा अधिक व्यवस्थित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
पिछले साल केदारनाथ धाम में संचालित सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा में 8,82,949 श्रद्धालुओं ने इसका लाभ लिया था। कुल 250 शटल चलाए गए, जिन्होंने 37,723 फेरे लगाए। महिलाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए 12 पिंक शटल सेवा भी संचालित की गई थी। आने वाले यात्रा सीजन में नई शटल सेवा से श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
2025 में चारधाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार थी: केदारनाथ – 17,68,795, बदरीनाथ – 16,60,224, गंगोत्री – 7,58,249, यमुनोत्री – 6,44,637, कुल – 48,31,905 श्रद्धालु।