देश में एलपीजी सिलिंडर को लेकर बनी घबराहट अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल कहीं भी सिलिंडर की कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते सप्लाई को लेकर चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
पैनिक बुकिंग में आई गिरावट, हालात नियंत्रण में
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार को करीब 55 लाख लोगों ने ही एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग की, जो पहले के मुकाबले काफी कम है। शुक्रवार को हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक में देश में तेल और गैस की उपलब्धता की समीक्षा की गई। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि अब पैनिक बुकिंग जैसी स्थिति नहीं रह गई है और हालात नियंत्रण में हैं।
सरकार का दावा- कहीं भी सिलिंडर की कमी नहीं
सरकार ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी माना कि मौजूदा हालात को देखते हुए एलपीजी सप्लाई एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर, सप्लाई पर दबाव
पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर खास तौर पर होटल और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ा है। उन्हें फिलहाल उनकी जरूरत का केवल 20 प्रतिशत ही गैस मिल पा रही है, क्योंकि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है।
13 मार्च को बुकिंग ने बनाया था रिकॉर्ड
संयुक्त सचिव के अनुसार, 13 मार्च को घबराहट के चलते एलपीजी बुकिंग 87.7 लाख तक पहुंच गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सुधरी और 18 मार्च तक यह घटकर 56-57 लाख रह गई। इससे साफ है कि अब लोगों में घबराहट कम हो रही है।
उत्पादन बढ़ा, कंपनियां अतिरिक्त शिफ्ट में काम कर रहीं
सरकार ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में घरेलू गैस उत्पादन में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। मांग को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां अतिरिक्त शिफ्ट में काम कर रही हैं, ताकि सप्लाई और बुकिंग के बीच संतुलन बना रहे।
सप्लाई और डिजिटल सिस्टम में सुधार
18 मार्च को 56 लाख से ज्यादा बुकिंग के मुकाबले 54.91 लाख सिलिंडर की डिलीवरी की गई। ऑनलाइन बुकिंग का दायरा बढ़कर 94 प्रतिशत हो गया है, जबकि ओटीपी आधारित सिस्टम 83 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, सरकार पाइप्ड गैस यानी पीएनजी को भी बढ़ावा दे रही है और पिछले दो हफ्तों में 1.25 लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं।
कालाबाजारी पर सख्ती, राज्यों को निर्देश
एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है और एफआईआर दर्ज हो रही हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने को कहा गया है।