नोएडा और गाजियाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर के शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में हवा का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी से भी ऊपर चला गया है। इसके बाद क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का चौथा चरण (GRAP-4) लागू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सीवियर स्तर की हवा अस्थमा, हृदय और फेफड़ों की बीमारियों को बढ़ा सकती है। स्वस्थ लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, N95 मास्क पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। सुबह और शाम के समय खुली हवा में टहलने से बचें।
ट्रकों और भारी वाहनों की रोक
एनसीआर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है।
स्कूल और शिक्षा पर असर
छोटे बच्चों के लिए फिजिकल क्लासेस को बंद कर ऑनलाइन मोड में शिफ्ट किया जा सकता है।
निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक
GRAP-4 के तहत सरकारी और निजी सभी प्रकार के निर्माण कार्य पूरी तरह ठप कर दिए जाएंगे।
प्रशासन और लोगों के लिए सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि लोग घर से अनावश्यक बाहर न निकलें, मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान रखें। साथ ही प्रशासन पर भी प्रदूषण रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने का दबाव बढ़ा है।