Greater Agra Project: सीएम योगी ने किया शिलान्यास, एनसीआर के निवेशकों की एंट्री से रियल एस्टेट में जबरदस्त उछाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगरा विकास प्राधिकरण की ग्रेटर आगरा योजना का शिलान्यास होते ही ताजनगरी का रियल एस्टेट बाजार अचानक सुर्खियों में आ गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ‘आगरा का ग्रेटर नोएडा’ कहा जा रहा है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर के बड़े निवेशकों और बिल्डर्स की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिक गई हैं। इसका सीधा असर जमीन की कीमतों पर दिख रहा है, जहां इनर रिंग रोड के आसपास के इलाके तेजी से महंगे होते जा रहे हैं।
लोकेशन बनी सबसे बड़ी ताकत
ग्रेटर आगरा की रणनीतिक लोकेशन इसे निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक बना रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे के जंक्शन के पास स्थित होने के कारण नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के निवेशकों को यहां भविष्य की बड़ी संभावनाएं नजर आ रही हैं। यही वजह है कि बाहरी निवेश का दबाव स्थानीय बाजार पर साफ दिखने लगा है।
जमीन के दामों में तेज उछाल
परियोजना के शिलान्यास के साथ ही आसपास की जमीनों की मांग अचानक बढ़ गई है। जो जमीनें पहले लाखों में मिल रही थीं, अब उनके लिए करोड़ों की बोली लगाई जा रही है। हालांकि आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से अभी आधिकारिक रेट लिस्ट जारी नहीं की गई है, लेकिन निजी जमीनों पर बढ़ती मांग ने बाजार में कृत्रिम तेजी पैदा कर दी है।
किसानों के लिए बदली तस्वीर
ग्रेटर आगरा के आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों की स्थिति तेजी से बदल रही है। योजना में शामिल जमीनों के लिए उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि योजना से सटी जमीनों पर असली खेल चल रहा है। यहां बिल्डरों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण किसान अब तय कीमत की जगह बोली के आधार पर जमीन बेचने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि जमीन के दाम रोज नए स्तर पर पहुंच रहे हैं।
निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बड़े कारण
ग्रेटर आगरा परियोजना के बाद इस क्षेत्र में निवेश को लेकर कई बड़े फैक्टर सामने आ रहे हैं। ट्रिपल एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी—यमुना, लखनऊ और इनर रिंग रोड—ने दूरी की बाधा को काफी हद तक खत्म कर दिया है। दूसरी ओर, नोएडा और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के प्रमुख इलाकों में जमीनों की कीमतें पहले ही उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिससे निवेशक अब नए विकल्प तलाश रहे हैं।
यमुना प्राधिकरण द्वारा पास में न्यू आगरा अर्बन सेंटर विकसित करने की योजना ने भी इस पूरे क्षेत्र को और ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना दिया है। फिलहाल सीमित सप्लाई और बढ़ती डिमांड के चलते बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है।
बिल्डरों का बढ़ता दखल और भविष्य की संभावनाएं
दिल्ली और नोएडा के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स ने इनर रिंग रोड के आसपास सर्वे और जमीन की तलाश शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 2 से 3 वर्षों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में 200 से 300 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिल सकता है।
सरकार द्वारा स्मार्ट और सुरक्षित शहर विकसित करने के दावों ने हाई नेटवर्थ निवेशकों को भी आकर्षित किया है, जिससे ग्रेटर आगरा को आने वाले समय में एक बड़े रियल एस्टेट हब के रूप में देखा जा रहा है।