हाइपरटेंशन को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, बढ़ सकता है ब्रेन हैमरेज का खतरा; बीपी कंट्रोल के लिए अपनाएं ये उपाय

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आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव और काम का दबाव लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रहा है। लगातार तनाव और थकान के कारण कई लोग बर्नआउट सिंड्रोम का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश में लगभग 60 प्रतिशत नौकरीपेशा लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। बेहतर पद, अधिक वेतन और सुविधाजनक जीवनशैली की दौड़ में लोग अपनी सेहत और निजी जीवन को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर शरीर पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

बर्नआउट सिंड्रोम से बिगड़ सकता है ब्लड प्रेशर

लगातार तनाव की स्थिति में शरीर के हार्मोनल संतुलन पर असर पड़ता है। अलग-अलग शोध बताते हैं कि लंबे समय तक बर्नआउट सिंड्रोम रहने से शरीर में कार्टिसोल और मेलाटोनिन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे तनाव से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है, ऊर्जा घटती है, नींद प्रभावित होती है और इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। इसके साथ ही दिल और पाचन तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बर्नआउट सिंड्रोम का एक बड़ा असर ब्लड प्रेशर पर भी देखा जाता है। इससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, हर समय थकान, मांसपेशियों में दर्द और शुगर जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जबकि ब्लड प्रेशर भी असंतुलित हो सकता है।

बर्नआउट से बचने के लिए 3S फॉर्मूला

विशेषज्ञों के मुताबिक बर्नआउट से बचने के लिए काम करने के तरीके में बदलाव जरूरी है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इसके लिए 3S फॉर्मूला बताया है—स्टैंडिंग, सिटिंग और स्ट्रेचिंग।

इसके तहत ऑफिस में काम के घंटों को छोटे हिस्सों में बांटना चाहिए। हर 30 मिनट के चक्र में करीब 20 मिनट बैठकर काम करें, 8 मिनट खड़े होकर काम करें और लगभग 2 मिनट स्ट्रेचिंग करें। इससे शरीर की सक्रियता बनी रहती है और तनाव कम करने में मदद मिलती है।

हाइपरटेंशन बढ़ा सकता है ब्रेन हैमरेज का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार अगर हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से नसों में दबाव बढ़ जाता है और दिमाग की रक्तवाहिकाएं फट सकती हैं, जिससे ब्रेन हैमरेज का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा हाई बीपी से ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

हाई बीपी के लक्षण और बचाव

हाई ब्लड प्रेशर के कई लक्षण शरीर में दिखाई दे सकते हैं। इनमें बार-बार सिरदर्द होना, मानसिक तनाव, सांस लेने में दिक्कत, नसों में झनझनाहट, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना शामिल हैं।

बचाव के लिए संतुलित आहार लेना, वजन नियंत्रित रखना, नमक का सेवन कम करना, नियमित योग और ध्यान करना तथा शराब से दूरी बनाना फायदेमंद माना जाता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के उपाय

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव जरूरी होते हैं। पर्याप्त पानी पीना, तनाव कम रखना, समय पर भोजन करना और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है। इसके साथ ही रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

आहार में खजूर, दालचीनी, किशमिश, गाजर, अदरक और टमाटर जैसी चीजें शामिल करने से भी फायदा हो सकता है। वहीं जब ब्लड प्रेशर ज्यादा हो तो शीर्षासन, सर्वांगासन और दंड-बैठक जैसे कठिन योगासन करने से बचना चाहिए।

 

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