ODI World Cup 2027 को ICC का मेगा प्लान, टीमों और मैचों की संख्या बढ़ी; अफ्रीका में लौटेगा क्रिकेट का महाकुंभ
वनडे विश्व कप 2027 को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बड़ा खाका तैयार कर लिया है। इस बार टूर्नामेंट को पहले से ज्यादा भव्य और प्रतिस्पर्धी बनाने की योजना है। तैयारियों के बीच यह साफ हो गया है कि अगला विश्व कप 2023 संस्करण की तुलना में कहीं अधिक बड़ा और रोमांचक होने वाला है।
तीन देशों में होगी मेजबानी, अफ्रीका में 24 साल बाद वापसी
साल 2027 में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। खास बात यह है कि पहली बार किसी एसोसिएट नेशन को भी विश्व कप होस्ट करने का मौका मिला है। हालांकि नामीबिया की टीम ने अभी तक टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई नहीं किया है।
यह विश्व कप अक्टूबर से नवंबर के बीच खेला जाएगा, हालांकि अभी आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि करीब 24 साल बाद अफ्रीका महाद्वीप में वनडे विश्व कप की वापसी हो रही है। इससे पहले 2003 में साउथ अफ्रीका में ही इस टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था।
मैच और टीमों की संख्या में बड़ा इजाफा
आईसीसी ने इस बार टूर्नामेंट को विस्तार देते हुए कुल 54 मुकाबले कराने की योजना बनाई है। 2023 के विश्व कप में जहां 48 मैच खेले गए थे, वहीं 2027 में मुकाबलों की संख्या बढ़ा दी गई है।
इसका मुख्य कारण टीमों की संख्या में इजाफा है। पिछली बार 10 टीमें शामिल थीं, जबकि इस बार 14 टीमें विश्व कप में हिस्सा लेंगी। इससे प्रतियोगिता का स्तर और चुनौती दोनों बढ़ेंगे, जिससे दर्शकों को ज्यादा रोमांच देखने को मिलेगा।
2003 वाला फॉर्मेट फिर होगा लागू
आईसीसी ने 2027 के लिए 2003 के सफल फॉर्मेट को दोबारा लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 14 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनमें प्रत्येक ग्रुप में 7 टीमें होंगी।
हर ग्रुप की टॉप 3 टीमें सुपर-6 राउंड में प्रवेश करेंगी। खास बात यह होगी कि लीग स्टेज में जीते गए मैचों के अंक सुपर-6 में भी साथ जाएंगे, लेकिन केवल उन्हीं टीमों के खिलाफ जीते गए अंक जो आगे के राउंड में पहुंचेंगी। इससे हर मुकाबले का महत्व और बढ़ जाएगा।
ज्यादातर मैच साउथ अफ्रीका में, बाकी जिम्बाब्वे-नामीबिया में
हालांकि टूर्नामेंट की मेजबानी तीन देशों के पास है, लेकिन अधिकांश मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे। कुल 54 में से 44 मैच वहीं आयोजित होंगे, जिनके लिए जोहान्सबर्ग, केप टाउन और डरबन जैसे प्रमुख शहर चुने गए हैं।
बाकी के 10 मुकाबले जिम्बाब्वे और नामीबिया में होंगे। ऐसे में यह टूर्नामेंट भौगोलिक रूप से भी काफी विस्तृत होने जा रहा है।
इतिहास की यादें और नई उम्मीदें
2003 के विश्व कप में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। अब 2027 में एक बार फिर वही माहौल लौटेगा, लेकिन इस बार ज्यादा टीमों और नए फॉर्मेट के साथ मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है।