यूपी कैबिनेट का अहम निर्णय: नागरिक सुरक्षा विभाग में स्टोर कीपर-स्टोरमैन संवर्ग का होगा पुनर्गठन, खत्म होगी वेतन विसंगति
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिक सुरक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टोर कीपर और स्टोरमैन संवर्ग के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से विभाग में पदों और वेतनमान को लेकर लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब नागरिक सुरक्षा विभाग में संबंधित संवर्ग की संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के सेवा ढांचे में एकरूपता लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्तमान में कई श्रेणियों में होती है तैनाती
विभाग में इस समय स्टोर कीपर, स्टोरमैन, भंडार अधीक्षक श्रेणी-2 और भंडार अधीक्षक श्रेणी-1 जैसे पदों पर कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। कर्मचारियों का वेतन और अन्य सेवा लाभ भी इन्हीं पदों के आधार पर निर्धारित होते हैं।
अलग-अलग श्रेणियों के कारण वेतनमान और सेवा संरचना में असमानता की स्थिति बन रही थी, जिसे दूर करने के लिए संवर्ग पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
2013 के शासनादेश के अनुरूप होगा पुनर्गठन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2013 में जारी शासनादेश के अनुरूप की जाएगी। इसी आधार पर नए ढांचे को लागू किया जाएगा, जिससे पदों की संरचना और वेतनमान में समानता सुनिश्चित हो सके।
कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। संवर्ग में एकरूपता आने से वेतन विसंगतियां समाप्त होंगी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। विभागीय स्तर पर लंबे समय से लंबित इस मुद्दे के समाधान को कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था होगी अधिक प्रभावी
विशेषज्ञों का मानना है कि संवर्ग पुनर्गठन से न केवल कर्मचारियों की सेवा शर्तों में स्पष्टता आएगी, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी। इससे पदोन्नति, वेतन निर्धारण और मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है।