नई दिल्ली: देश की प्रमुख सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता को लेकर निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने देशभर के रिटेल पेट्रोल पंपों पर बड़े स्तर पर निरीक्षण शुरू किए हैं। कंपनियों का कहना है कि ग्राहकों को तय गुणवत्ता वाला ईंधन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की मिलावट मिलने पर संबंधित डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम सोशल मीडिया पर फ्यूल की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों और चिंताओं के बीच ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इंडियन ऑयल ने किए 10 हजार औचक निरीक्षण
इंडियन ऑयल ने बताया कि पिछले सप्ताह देशभर के अपने रिटेल आउटलेट्स पर लगभग 10 हजार औचक निरीक्षण किए गए। इस दौरान 8,500 से अधिक फ्यूल क्वालिटी टेस्ट भी किए गए।
कंपनी के अनुसार, उसकी टीमें प्रतिदिन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं कि ग्राहकों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ईंधन मिले।
मिलावट पर अपनाई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल में मिलावट, अशुद्धि या गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के मामलों में कंपनी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है। यदि कोई डीलर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारत पेट्रोलियम ने भी बढ़ाई जांच
भारत पेट्रोलियम ने जानकारी दी कि 3 जुलाई से 13 जुलाई के बीच उसके रिटेल आउटलेट्स पर 932 गुणवत्ता परीक्षण किए गए। इसके अलावा कंपनी के क्वालिटी कंट्रोल सेल ने 111 अतिरिक्त परीक्षण किए।
इंस्पेक्शन एश्योरेंस विभाग ने मोबाइल प्रयोगशालाओं के जरिए 50 फ्यूल सैंपल लेकर मौके पर ही उनकी जांच पूरी की।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एथनॉल मिश्रण की भी जांच की
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने बताया कि 3 से 13 जुलाई के बीच 1,385 नियमित निरीक्षण किए गए। वहीं 7 से 13 जुलाई के दौरान एथनॉल मिश्रण के मानकों की जांच के लिए 2,173 औचक निरीक्षण भी किए गए।
कंपनी के क्वालिटी एश्योरेंस सेल ने 93 अतिरिक्त निरीक्षण किए, जबकि मोबाइल लैब के माध्यम से 49 फ्यूल सैंपलों की जांच की गई।
निरीक्षण में नहीं मिली कोई बड़ी अनियमितता
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मुताबिक जांच अभियान के दौरान किसी भी पेट्रोल पंप पर मिलावट, गंभीर अनियमितता या गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन का मामला सामने नहीं आया।
तीनों कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उन्हें ईंधन की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत हो तो वे सीधे संबंधित पेट्रोल पंप या कंपनी की ग्राहक सेवा के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं और अपुष्ट सोशल मीडिया दावों पर भरोसा न करें।
हाल ही में एक यूट्यूबर द्वारा ई20 पेट्रोल को लेकर वाहन खराब होने का दावा किया गया था। बाद की जांच में सामने आया कि वाहन की समस्या मिलावटी पेट्रोल के कारण हुई थी।