देश में एक बार फिर ‘लॉकडाउन’ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस बार वजह महामारी नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उससे पैदा हुआ ग्लोबल एनर्जी संकट है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।
आज के दिन साल 2020 में देश में लॉकडाउन लागू हुआ था और अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर यही शब्द ट्रेंड कर रहा है। लेकिन मौजूदा स्थिति पूरी तरह अलग है और इसका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय हालात से जुड़ा हुआ है।
संसद में पीएम का संकेत, सतर्क रहने की अपील
संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को एकजुट और तैयार रहने की जरूरत है क्योंकि मौजूदा वैश्विक संकट लंबा चल सकता है। उनका इशारा स्पष्ट रूप से मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की ओर था, जिसने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल
प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई यूजर्स संभावित ‘एनर्जी लॉकडाउन’ जैसी स्थिति की आशंका जता रहे हैं, हालांकि सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
कल होगी अहम सर्वदलीय बैठक
केंद्र सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में विपक्षी दलों को वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, ऊर्जा बचत को लेकर कुछ सख्त कदमों पर चर्चा हो सकती है, जिनमें सीमित समय के पावर कट या गैर-जरूरी सेवाओं में ईंधन खपत कम करने जैसे विकल्प शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव और बढ़ी चिंता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के उलट ईरान ने किसी भी सकारात्मक बातचीत से इनकार किया है। ईरान ने साफ कहा है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो वह कड़े कदम उठा सकता है। ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
क्या फिर लागू होगा वर्क फ्रॉम होम?
इन हालातों के बीच लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सरकार तेल की खपत कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय लागू कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो सरकार ऐसे कदमों पर विचार कर सकती है, जिससे परिवहन पर दबाव कम हो।
भारत-अमेरिका के बीच चर्चा
सर्वदलीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर बातचीत हुई है। इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर भी चर्चा की गई, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
फिलहाल सरकार की ओर से देश में लॉकडाउन लगाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सतर्कता और तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।