देश और किसानों के हितों की रक्षा हुई, संवेदनशील मुद्दे बाहर रखे, US डील पर बोले पीयूष गोयल

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नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज बुधवार को भारी शोर-शराबे के बीच लोकसभा में कहा कि दोनों देशों के बीच डील को लेकर बातचीत के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे. भारतीय पक्ष डील करने के दौरान अपने अहम क्षेत्रों खासकर कृषि और किसानों के हितों की रक्षा करने में सफल रहा.

सांसदों के हंगामे के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की फरवरी 2025 की अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका के बीच संतुलित, पारस्परिक रूप से, लाभकारी और द्विपक्षीय ट्रेड डील करने को लेकर लगातार और नियमित चर्चा करते रहे हैं. पिछले साल, दोनों पक्षों के बातचीत करने वालों ने अलग-अलग लेवल पर विस्तार से बातचीत की.”

उन्होंने आगे कहा, “बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के जरूरी हितों को ध्यान में रखते हुए, यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपने-अपने जरूरी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा करना चाहेंगे और सबसे अच्छे नतीजे भी सुनिश्चित करना चाहेंगे. आपसी बातचीत के दौरान, भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी के हितों की रक्षा करने में सफल रहा. एक साल की बातचीत के बाद, दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते के विभिन्न क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे.”

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि संवेदनशील मुद्दों को ट्रेड डील से अलग रखा गया है. खाद और कृषि क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है. किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा. इस डील से भारत और अमेरिका दोनों पक्षों को फायदा होगा. टैरिफ को लेकर गोयल ने आगे कहा, “2 फरवरी 2026 को, PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मामलों पर टेलीफोन पर बातचीत की. इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को घटाकर 18% करने की घोषणा की. मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि यह टैरिफ कई प्रतिस्पर्धी देशों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से कहीं कम है.”

ट्रेड डील में विकसित भारत की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “यह ऐतिहासिक और स्ट्रक्चरल समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने तथा विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत संबंधों को भी दिखाता है, वे स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.”

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