ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी के संकेत, सीजफायर वार्ता को रफ्तार, नेतन्याहू ने लेबनान से बातचीत को दी मंजूरी
मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच सीजफायर को स्थिर करने के लिए उच्चस्तरीय वार्ता की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी बीच इजरायल की ओर से लेबनान के साथ बातचीत को मंजूरी दिए जाने के बाद हालात में नरमी की उम्मीद बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के वार्ताकार इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक के लिए तैयारी कर रहे हैं, जहां शनिवार से अहम बातचीत शुरू हो सकती है। इस वार्ता का उद्देश्य मौजूदा सीजफायर को स्थिर करना है, जो इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के चलते डगमगा रहा है।
नेतन्याहू का बड़ा फैसला, लेबनान से बातचीत को हरी झंडी
इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ प्रत्यक्ष वार्ता को मंजूरी देकर कूटनीतिक प्रक्रिया को नई दिशा दी है। बताया जा रहा है कि इस बातचीत का उद्देश्य हिजबुल्लाह को निहत्था करना और दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करना है। हालांकि नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल औपचारिक सीजफायर लागू नहीं हुआ है।
हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ
इजरायली सेना का दावा है कि हिजबुल्लाह ने संघर्ष विराम की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में बेरूत पर हुए हवाई हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिसे इस संघर्ष के सबसे घातक दिनों में से एक माना जा रहा है।
ईरान का दबाव और IRGC की चेतावनी
ईरान लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहा है कि इजरायल लेबनान में अपने हमले रोके। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वार्ता को “निलंबित” किया जा सकता है। वहीं कुवैत ने हाल ही में ड्रोन हमले का दावा करते हुए इसके लिए ईरान और क्षेत्रीय मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव की बड़ी वजह
तनाव का एक बड़ा कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य भी बना हुआ है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समझौते का पालन नहीं किया गया तो अमेरिका पहले से ज्यादा कड़ा रुख अपनाएगा। उन्होंने हॉर्मुज से तेल आपूर्ति में बाधा को लेकर भी नाराजगी जताई और इसे समझौते के खिलाफ बताया।
कुल मिलाकर, मिडिल-ईस्ट में एक ओर जहां तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस वार्ता के नतीजे क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।