‘रामायण’ की कौशल्या बनने से अमर हुईं जयश्री गडकर! 250 फिल्मों की सुपरस्टार, पर्दे पर ‘दशरथ’ ही थे उनके असली पति

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नई दिल्ली: रामानंद सागर की ऐतिहासिक टीवी सीरीज ‘रामायण’ ने कई कलाकारों को घर-घर तक पहचान दिलाई। इन्हीं में से एक थीं कौशल्या का किरदार निभाने वाली दिग्गज अभिनेत्री जयश्री गडकर। मराठी और हिंदी सिनेमा में 250 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी जयश्री गडकर पहले से ही बड़ी स्टार थीं, लेकिन ‘रामायण’ में माता कौशल्या की भूमिका ने उन्हें ऐसी पहचान दिलाई कि आज भी लोग उन्हें इसी किरदार से याद करते हैं।

मराठी सिनेमा की थीं बड़ी स्टार

जयश्री गडकर ने अपने अभिनय करियर में मराठी और हिंदी फिल्मों में शानदार काम किया। उन्होंने चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और मराठी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।

बचपन में शुरू किया था अभिनय का सफर

जयश्री गडकर ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। शुरुआती दिनों में वह तमाशा नृत्य से जुड़ी थीं। इसके बाद उन्हें वर्ष 1955 में वी. शांताराम की फिल्म ‘झनक झनक पायल बाजे’ में काम करने का अवसर मिला। हालांकि इसमें उनकी छोटी भूमिका थी, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से लोगों का ध्यान खींचा।

एक फिल्म ने बदल दी किस्मत

जयश्री गडकर को असली पहचान तमाशा पर आधारित फिल्म ‘सांगत्ये ऐका’ से मिली। यह उनकी पहली प्रमुख भूमिका वाली फिल्म थी। इस सफलता के बाद उन्होंने लगातार मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया और अपने दौर की सफल अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

‘रामायण’ ने दिलाई घर-घर में पहचान

फिल्मों में लंबा और सफल करियर होने के बावजूद जयश्री गडकर को सबसे अधिक लोकप्रियता रामानंद सागर की ‘रामायण’ में माता कौशल्या के किरदार से मिली। उनके सहज और प्रभावशाली अभिनय ने इस भूमिका को यादगार बना दिया, जिसके कारण आज भी उन्हें इसी किरदार से सबसे ज्यादा पहचाना जाता है।

‘दशरथ’ थे उनके वास्तविक जीवन के पति

जयश्री गडकर के जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि ‘रामायण’ में राजा दशरथ की भूमिका निभाने वाले अभिनेता बाल धुरी उनके वास्तविक जीवन के पति थे। दोनों की जोड़ी पर्दे पर भी नजर आई और वास्तविक जीवन में भी साथ रही। जयश्री गडकर ने रामानंद सागर की ‘लव कुश’ में भी माता कौशल्या का किरदार निभाया था।

2008 में दुनिया को कहा अलविदा

जयश्री गडकर आखिरी बार मराठी फिल्म ‘चिमनी पाखर’ में नजर आई थीं। वहीं हिंदी सिनेमा में उनकी अंतिम फिल्म ‘लव कुश’ रही। वर्ष 2000 के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। 29 अगस्त 2008 को उनका निधन हो गया।

 

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