झारखंड विधानसभा होगी पूरी तरह डिजिटल, मंत्रियों-विधायकों को मिलेंगे टैबलेट, सीएम हेमंत सोरेन आज करेंगे ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ

0 32

रांची। झारखंड विधानसभा अब पेपरलेस कार्यप्रणाली की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार के सभी मंत्री और विधायक अब विधायी कार्यों के लिए कंप्यूटर टैबलेट का उपयोग करेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) को विधानसभा में लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सोमवार को सदन में स्थापित डिजिटल उपकरणों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्रियों और विधायकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
एनईवीए के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रियों और विधानसभा सदस्यों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके माध्यम से वे नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के उपयोग की प्रक्रिया सीखेंगे। सरकार की योजना है कि आगामी बजट सत्र से विधानसभा की कार्यवाहियां आंशिक रूप से इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित की जाएं।

बुधवार को सीएम हेमंत सोरेन करेंगे एनईवीए का शुभारंभ
झारखंड विधानसभा में एनईवीए प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में किया जाएगा। इस पहल को विधानसभा की कार्यप्रणाली में तकनीकी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

क्या है नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA)
एनईवीए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचनाओं समेत विधानसभा के सभी विधायी कार्यों का पेपरलेस संचालन किया जा सकता है। इसके माध्यम से सदन की कार्यवाहियों और विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित किया जाएगा। इससे कार्यकुशलता बढ़ने के साथ-साथ पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

डिजिटल विधान व्यवस्था की ओर झारखंड का बड़ा कदम
झारखंड विधानसभा में एनईवीए के क्रियान्वयन को राज्य को डिजिटल विधान व्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विधायी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनेगी।

11 फरवरी को खुलेगा एनईवीए सेवा केंद्र
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 11 फरवरी को झारखंड विधानसभा परिसर में एनईवीए सेवा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित राज्य सरकार के सभी मंत्री और विधानसभा के सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है।

सेंट्रल हॉल में दोपहर से होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
उद्घाटन के बाद तकनीकी पहलुओं को लेकर मंत्रियों और विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विधानसभा के सेंट्रल हॉल में दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी संबंधित सदस्यों को इसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.