कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस सीजन अब तक लगातार संघर्ष करती नजर आ रही है। अंक तालिका में टीम नौवें स्थान पर है और उसके खाते में सिर्फ एक अंक है, जो एक रद्द हुए मुकाबले से मिला था। यानी अगर वह मैच भी नहीं रद्द होता तो टीम अभी तक शून्य पर ही होती। इसी बीच टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी के प्रदर्शन ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोर ली है, क्योंकि उनसे जिस स्तर की उम्मीद की जा रही थी, वह अब तक पूरी तरह नदारद दिखी है।
बल्लेबाजी में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे कैमरून ग्रीन
लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 181 रन बनाए। टीम एक मजबूत स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो सकी। इस पारी में सबसे ज्यादा चर्चा कैमरून ग्रीन के प्रदर्शन को लेकर रही, जो एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि उन्होंने कुछ रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति बेहद धीमी रही, जिससे टीम की रनगति पर असर पड़ा।
25 करोड़ के खिलाड़ी की 24 गेंदों में 32 रन की पारी
कैमरून ग्रीन चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और 24 गेंदों में 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी इस पारी में 3 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट करीब 133 के आसपास रहा, जिसे उनके बड़े प्राइस टैग के हिसाब से संतोषजनक नहीं माना जा सकता। अब तक इस सीजन वह टीम के लिए कोई भी मैच जिताऊ पारी खेलने में सफल नहीं हो पाए हैं, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
गेंदबाजी में भी रहा निराशाजनक प्रदर्शन
बल्लेबाजी के बाद जब गेंदबाजी में कैमरून ग्रीन को मौका मिला, तो वहां भी वह असर छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ सिर्फ 2 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 28 रन खर्च कर दिए। इस दौरान उनकी इकॉनमी 14 रही और वह मैच के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उनके इस प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि दोनों विभागों में उनका योगदान लगातार कमजोर नजर आ रहा है।
कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह स्थिति गंभीर होती जा रही है, जहां एक बड़े निवेश के बावजूद खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम के लिए उम्मीद के बजाय दबाव का कारण बनता दिख रहा है।