सीएम योगी के अल्टीमेटम के बाद भू-माफियाओं की नींद उड़ी, गौतमबुद्ध नगर में 10 हजार बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमाफियाओं को 24 घंटे के भीतर सरकारी जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। गौतमबुद्ध नगर में हालात अभी भी चिंताजनक हैं, जहां लगभग 10 हजार बीघा से अधिक सरकारी जमीन माफियाओं के कब्जे में है। प्रशासन कई बार कार्रवाई कर चुका है, लेकिन बड़े पैमाने पर माफिया अपने अवैध कब्जों को मजबूत किए हुए हैं। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन अल्टीमेटम की समयसीमा के भीतर माफिया के जाल को तोड़ पाएगा।
अवैध कॉलोनियों और सरकारी जमीन पर कब्जा
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में माफिया तालाब, पोखर, ग्राम समाज की जमीन के साथ ही गोचर वन और सिंचाई विभाग की बेशकीमती भूमि पर भी कब्जा कर चुके हैं। ऊंची इमारतें और अवैध कॉलोनियों का जाल बुनकर भोले-भाले लोगों को फंसाया गया है। कई जगहों पर जमीन जमींदोज हो चुकी है और लोग भारी नुकसान झेल चुके हैं।
चारागाह और वन विभाग की जमीन पर माफिया का कब्जा
गौतमबुद्ध नगर के राजस्व दस्तावेजों के अनुसार 1442 हेक्टेयर जमीन में से 486 हेक्टेयर जमीन चारागाह के नाम दर्ज है, लेकिन अधिकांश जमीन माफिया के कब्जे में है। वन विभाग की 2003 हेक्टेयर जमीन में से लगभग 1000 हेक्टेयर पर माफिया फसल उगाकर अवैध लाभ कमा रहे हैं।
दादरी में आठ हजार बीघा जमीन पर कब्जा
दादरी तहसील में करीब आठ हजार बीघा जमीन माफिया के नियंत्रण में है। शिकायतकर्ता राकेश नागर के मुताबिक, हल्दोनी, अलीवर्दीपुर, सोहरखा जहिदाबाद, नोएडा के सलारपुर खादर हाजीपुर, गेझा, तिलपताबाद और भंगेल बेगमपुर, कूड़ीखेड़ा समेत कई गांवों में माफिया ने बड़े स्तर पर जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां विकसित की हैं। प्रशासन के लिए जमीन खाली कराना और वसूली करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य की योजना
एसडीएम दादरी अनुज नेहरा के मुताबिक, शिकायत मिलने पर तत्काल भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और शासन के आदेशों के तहत भविष्य में भी माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जेवर तहसील में वर्तमान समय में कोई शिकायत दर्ज नहीं है और संबंधित मामले तहसीलदार और एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन हैं। तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि सभी मामलों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।