यूपी विधानसभा में लव जिहाद पर कानून पास, नए विधेयक से अपराधियों की जिंदगी बन जाएगी ‘जहन्नुम’

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लखनऊ : देश में बीते कुछ सालों से लव जिहाद पर कानून की मांग को लेकर काफी बहस चल रही थी। अब लव जिहादके मामले में योगी सरकार ने कानून पास कर दिया है। यूपी विधानसभा में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक पेश किया गया और वो पास भी हो गया है। बता दें कि सीएम योगी ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद इसे मुद्दा बनाया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सीएम योगी ने इस विषय पर काफी बयान दिए थे।

2021 में लव जिहाद पर कानून को विधानमंडल से पास करवा लिया गया था। उस समय इसके तहत आरोपी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की सजा और 50 हजार तक जुर्माना लगाया गया था। अब जो नया विधेयक आया है उसके अनुसार अपराध का दायरा और सजा दोनों में ही बढ़तरी कर दी गई है।

नए विधेयक में जबरन धर्मांतरण के मामलों में कानून को पहले से सख्त कर दिया गया है। इसके तहत अब अधिकतम आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है। संशोधित विधेयक में किसी महिला को धोखे से जाल में फंसाकर धर्मांतरण कर अवैध तरीके से विवाह करने और उत्पीड़न के दोषियों को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।पहले इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान था।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये लव जिहाद जो कानून आ रहा है, उससे भाजपा से आप क्या उम्मीद करते हैं ? ये नौकरी थोड़ी देंगे, इन्होंने महंगाई बढ़ाई, नौकरी नहीं दी और अभी भी वे उसी रास्ते पर हैं जिसकी वजह से वे हारे हैं। ये इस तरह का कानून इसलिए ला रहे हैं क्योंकि इनका साम्प्रदायिकता का दीया बुझने जा रहा है। चाचा को गच्चा किसी ने नहीं दिया, ये दिल्ली वालों को गच्चा दे रहे हैं। ये ‘सह-योगी’ हैं, जिन्होंने सहयोग दिया है।

योगी सरकार के इस फैसले पर अब नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया आई है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार के फैसले को स्वागत योग्य कदम बताया।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार ने एक स्वागत योग्य फैसला लिया है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं। इसका दायरा बढ़ने से धोखेबाजी बंद होगी।

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