नई दिल्ली: देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों के वितरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला खास तौर पर प्रवासी मजदूरों, छात्रों और दिहाड़ी कामगारों को राहत देने के लिए लिया गया है, जिनके पास स्थायी पता नहीं होता।
दैनिक आपूर्ति दोगुनी, राज्यों को दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 5 किलो FTL सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति को दोगुना कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी मार्च 2026 की शुरुआत में प्रवासी मजदूरों को दी गई औसत आपूर्ति के आधार पर तय की गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि यह वृद्धि पहले तय 20 प्रतिशत सीमा से भी अधिक है।
इन अतिरिक्त सिलेंडरों का पूरा नियंत्रण राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को सौंपा गया है। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि इनका इस्तेमाल केवल प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंद वर्ग तक ही सीमित रखा जाए।
तेल कंपनियों के साथ मिलकर होगा वितरण
केंद्र ने राज्यों को यह भी कहा है कि वे तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर इन सिलेंडरों का सुचारू और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करें। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की कालाबाजारी या दुरुपयोग को रोकना राज्यों की जिम्मेदारी होगी।
बिना पते वालों के लिए बड़ी राहत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित ईंधन आपूर्ति पर असर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके पास स्थायी पता या एड्रेस प्रूफ नहीं है। अब ऐसे लोग भी आसानी से एलपीजी सिलेंडर हासिल कर सकेंगे।
सिर्फ आईडी से मिलेगा सिलेंडर
5 किलो के FTL सिलेंडर बाजार दर पर उपलब्ध होंगे और इन्हें खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र—जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी—दिखाकर नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर खरीद सकता है।
सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल जरूरतमंदों को राहत देगा, बल्कि एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाएगा।