लखनऊ में ईद की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शहर के प्रमुख नमाज स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख नमाज स्थलों पर सख्त सुरक्षा और ड्रोन निगरानी
शनिवार को टीले वाली मस्जिद, इमामबाड़ा आसिफी मस्जिद और ऐशबाग ईदगाह समेत सभी महत्वपूर्ण नमाज स्थलों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इन स्थानों तक जाने वाले रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। अर्धसैनिक बलों के साथ दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
पूरे शहर को 5 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार के मुताबिक, शहर में 94 ईदगाह और 1200 से अधिक मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। इसे देखते हुए लखनऊ को पांच जोन और 18 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर जोन में पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च, चेकिंग अभियान तेज
पश्चिम क्षेत्र में पुलिस उपायुक्त विश्वजीत श्रीवास्तव ने संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया और अर्धसैनिक बल के साथ रूट मार्च किया। वहीं, मध्य क्षेत्र में पुलिस उपायुक्त विक्रांत वीर, एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल और इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बाजारों और मेट्रो स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। सभी जोनों में अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मौलानाओं से मुलाकात कर उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं भी दी गईं।
सुरक्षा में भारी पुलिस बल की तैनाती
ईद के मद्देनजर शहर में व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसमें 15 राजपत्रित अधिकारी, करीब 1000 अराजपत्रित पुलिसकर्मी, 14 कंपनी पीएसी, एक कंपनी एसएसबी, सभी थानों की फोर्स, एंटी रोमियो स्क्वायड, पिंक पेट्रोल और आपात सेवा 112 की टीमें शामिल हैं। इसके साथ ही खुफिया इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर सख्त कार्रवाई
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए आठ विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो 24 घंटे तीन शिफ्ट में निगरानी करेंगी। अगर कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा।